चंडीगढ़, 30 दिसम्बर: इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यूं तो भाजपा सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारों से प्रदेश की जनता को बरगलाती रहती है लेकिन जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है कोई दिन ऐसा नहीं जिस दिन किसान/कर्मचारी वर्ग के साथ-साथ हरेक वर्ग अपनी मांगें मनवाने के लिए धरने-प्रदर्शन करता सडक़ों पर दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रत्येक वर्ग लगातार पिछले पांच सालों से सडक़ों पर अपनी मांगें मनमाने के लिए धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं। सर्व कर्मचारी संघ ने 8 जनवरी से सरकार के कार्यप्रणाली के विरुद्ध बिगुल बजा दिया है और उन्होंने कहा है कि सरकार सरकारी सेवाओं का निजीकरण करने पर तुली है। किसान कृषि उपज वस्तुओं के अच्छे भावों के लिए मंडियों में अनाज मंडियों के गेट बंद करते दिखाई दिए, मजदूर कारखानों में गेट मीटिंग्स करते दिखाई दिए, कर्मचारी भाजपा सरकार द्वारा सरकारी विभागों में आउट सोर्सिंग, ठेका प्रथा, पीपीपी की नीतियों को बढ़ावा देकर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के संदर्भ में विरोध करते दिखाई दिए। सरकार की सहयोगी जजपा भी अब इस खेल में सरकार के गुणगान करती नहीं थकती और जजपा ने अपना घोषणा पत्र रद्दी की टोकरी में डाल दिया है क्योंकि चुनाव के दौरान वह कह रहे थे कि अगर उनकी सरकार आती है तो वह पहली कलम से किसानों/कर्मचारियों आदि की सभी मांगें मानेंगे और उनको पंजाब की तर्ज पर सहूलियतें देंगे।
इनेलो नेता ने कहा कि किसान गन्ने का रेट बढ़ाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं जबकि गन्ने का सीजन आधे से ज्यादा खत्म हो चुका है और भाजपा का ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा खोखला होकर रह गया है। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों की तालमेल कमेटी ने 7-8 जनवरी को चक्का जाम करने का निर्णय लिया है और उन्होंने कहा है कि सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत बसें चलाने के लिए बजिद है जिसका मतलब है कि किलोमीटर स्कीम में लगभग 950 करोड़ रुपए का जो घोटाला हुआ है उसमें उच्च स्तर के नेताओं व अधिकारियों का साथ है जिसकी वजह से ही इतने बड़े घोटाले के पश्चात उनका विकास हो रहा है।
इनेलो नेता ने बताया कि 8 जनवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा भी बढ़-चढक़र भाग लेगा और भारतीय किसान संघ हरियाणा गूंगी-बहरी गठबंधन सरकार को चेताने के लिए इस हड़ताल में भाग लेगा। चुनाव में भाजपा ने स्वामी नाथन रिपोर्ट की सभी शर्तें लागू करके कृषि उपज वस्तुओं के लागत मूल्य के अतिरिक्त 50 प्रतिशत दरों की बढ़ौतरी करके न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करके किसानों की आमदनी दुगुनी करने का वायदा पूरा करने का संकल्प लिया था। इसी तरह आंगनबाड़ी वर्कर्ज की यूनियन ने भी इस हड़ताल में अपनी मांगें मनवाने के लिए समर्थन देने का ऐलान किया है।
इनेलो नेता ने कहा कि गठबंधन की सरकार 2020 को संकल्प-वर्ष के रूप में मनाने का काम करेगी जबकि सरकार ने पिछले पांच वर्ष में ऐसा कोई भी वर्ग नहीं छोड़ा जो इसकी कार्यप्रणाली से संतुष्ट हो और आम आदमी के अनुरूप सरकार ने सुविधाएं प्रदान की हों। इनेलो नेता ने कहा कि किसान अपने खेत में दुखी, कर्मचारी कार्यालय में दुखी, अध्यापक स्कूलों/कॉलेजों में दुखी, छात्र व छात्राएं दुष्कर्म से दुखी और इसी तरह सरकार वर्ष 2020 को सभी वर्गों को पिछले पांच सालों की तरह दुखी करने का संकल्प-वर्ष मनाने का फैसला कर सकती है।