SOLAN, दिनांक 19.12.2019-जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजेंद्र कुमार गौतम ने कहा कि ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने और समूह के रूप में कार्य करने को प्रोत्साहित करने की दिशा में स्वयं सहायता समूह महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि सोलन जिला के सभी गांवों में इस दिशा में ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। राजेंद्र कुमार गौतम आज यहां राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा स्वयं सहायता समूहों के संबंध में जिला में कार्यरत बैंकों के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे।
इस कार्यशाला के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के बैंक व ऋण संयोजन के साथ-साथ संयुक्त देयता समूह एवं ई-शक्ति के विषय में उपस्थित प्रतिनिधियों को जागरूक किया गया।
राजेंद्र कुमार गौतम ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में स्वयं सहायता समूह आर्थिकी सुदृढ़ीकरण एवं लोगों को बचत के विषय में जागरूक करने की दिशा में कारगर सिद्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की सफलता की कहानियां अन्य को भी प्रोत्साहित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा स्वयं सहायता समूहों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध करवाने की दिशा में निरंतर कार्यरत रहना चाहिए। इस कार्य में विभिन्न बैंकों को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की कार्यप्रणाली के अनुरूप आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण में स्वयं सहायता समूहों का बड़ा योगदान है। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत समूह गठन एवं बैंक लिंकेज पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला के माध्यम से विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबन्धकों को स्वयं सहायता समूहों को दिए जाने वाले ऋण, संयुक्त देयता समूह योजना और ई-शक्ति के विषय में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला में नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक अशोक चौहान ने स्वयं सहायता समूहों के बैंक व ऋण संयोजन पर विस्तृत जानाकारी प्रदान की। उन्हांेने कहा कि नाबार्ड न केवल स्वयं सहायता समूहों के गठन अपितु इस दिशा में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करता है।
उन्होंने कहा कि नाबार्ड द्वारा विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के डिजिटीकरण के लिए वर्ष 2015 से ई-शक्ति परियोजना आरम्भ की गई। डिजिटीकरण के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की सम्पूर्ण जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध है। इससे बैंकों और समूहों को परस्पर कार्य करने में सुगमता हो रही है। ई-शक्ति के माध्यम से सभी स्वयं सहायता समूह पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
अशोक चौहान ने कहा कि वर्तमान में सोलन जिला में ई-शक्ति के माध्यम से 2398 समूहों का डिजिटीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि ई-शक्ति के माध्यम से बैंकर्स पोर्टल पर समूहों से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं तथा इससे विभिन्न समूहों में एक सदस्य की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती है। उन्होंने विभिन्न बैंकों से आह्वान किया गया कि समूहों के ऋण वितरण के लिए ई-शक्ति का प्रयोग करें।
इस अवसर पर जिला विकास प्रबन्धक द्वारा बैंक अधिकारियों की शंकाओं का निवारण किया गया। उन्होंने बैंको से आग्रह किया कि स्वयं सहायता समूहों व संयुक्त देयता समूहों के ऋण आवेदनों पर शीघ्र निर्णय लें।
कार्यशाला में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, गैर सरकारी संगठनों, अम्बूजा सीमेंट सहित सखी, सहेली व मन्नत स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित थे।