चंडीगढ़, 14 दिसम्बर: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बयान पर इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला द्वारा प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि प्रदेश में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनकी सरकार पिछले पांच वर्षों से लगातार इसके विरुद्ध मुहिम जारी रखे हुए है। इनेलो नेता का कहना है कि भाजपा की करनी और कथनी में अंतर है। नौ दिसम्बर को भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाते समय मुख्यमंत्री ने कहा कि अब भ्रष्टाचार को तकनीकी मदद से प्रभावी बनाकर प्रदेश को भ्रष्टाचारमुक्त बनाया जाएगा। परंतु हरियाणा के सीनियर आईएएस श्री खेमका ने ट्वीट द्वारा कटाक्ष किया है कि क्या ऐसे आयोजनों के माध्यम से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है?
इनेलो नेता कहा कि उन्होंने पिछले शासनकाल की विधानसभा में कांग्रेस सरकार के दस साल के घोटालों की जांच कराने के लिए कहा था जिस पर मुख्यमंत्री ने विधानसभा में जांच करवाने का आश्वासन दिया था। पिछले शासनकाल में जिन जमीन घोटालों के बारे में सरकार ने मामले दर्ज किए हैं वह तो इनेलो द्वारा 16 अगस्त, 2014 को माननीय राज्यपाल महोदय को जांच करने के लिए ज्ञापन देकर आरोप पत्र सौंपा था। भाजपा इन घोटालों के बारे मेंं पांच वर्षों तक मूकदर्शक बनी बैठी रही है और जिससे जाहिर होता है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों एक ही सिक्के के पहलू हैं।
इनेलो नेता ने कहा कि मनोहर सरकार भ्रष्टाचार के बारे में जीरो टॉलरेंस की बात करती है जबकि गठबंधन की सरकार के गृह मंत्री ने स्थानीय निकाय विभाग में पिछले पांच वर्षों मेें हुए कार्यों व घपलों की फाइलें खंगालने की बात कही है। भाजपा के पिछले शासनकाल में अनेक घोटाले अखबारों की सुर्खियां बने थे और जजपा नेताओं ने भी इन घोटालों के बारे में जांच करवाने की आवाज उठाई थी परंतु वह भी अब मूकदर्शक बनी बैठी है।
इनेलो नेता ने बताया कि भाजपा सरकार में मीटर खरीद घोटाला, आरटीए घोटाला, परिवहन विभाग में फर्जी टिकट घोटाला, किलोमीटर स्कीम घोटाला, छात्रवृत्ति घोटाला, जीएसटी घोटाला आदि की जांच के बारे में सरकार की नीयत और नीति संदेहास्पद है। माननीय हाईकोर्ट ने एक्साइज विभाग के इंस्पेक्टर द्वारा टैक्स में करोड़ों का चूना लगाने के मामले में हरियाणा पुलिस द्वारा की जा रही जांच के बारे में अंदेशा है कि जांच सही तरीके से नहीं चल रही है। इसी तरह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में फर्जी दस्तावेजों पर पेंशन हासिल करके चपत लगाने वालों के विरुद्ध अभी तक कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं हो रही। हरियाणा में हजारों करोड़ रुपए का खनन घोटाला है जिसमें ठेकेदार पर आरोप है कि सरकार ने उनसे 1476 करोड़ रुपए की वसूली नहीं की क्योंकि इसमें में सरकार के चहेते व अधिकारी भी शामिल हैं। इसी तरह एचसीएस परीक्षा में बड़े संयोजित ढंग से रोल नम्बर 2069 से 2170 के बीच के 41 उम्मीदवार मेन परीक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण किए दिखाए गए हैं। हरियाणा में टाउन एंड कंट्रीप्लानिंग विभाग में अधिकारियों की कॉलोनाइजर्स के साथ मिलीभगत द्वारा बसाई जाने वाली अवैध कॉलोनियों का घोटाला प्रदेश के लोकायुक्त द्वारा अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच कोसंदेहास्पद महसूस करते हुए सरकार को विशेष जांच के लिए एसआईटी गठित करने की सिफारिश की है।
अभय सिंह चौटाला का कहना है कि मनोहर सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का ढिंढोरा तो पीट रही है परंतु कैग की रिपोर्ट के अनुसार 213 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए करोड़ों रुपए की राशि का दुरुपयोग किया गया है। इसलिए उपरोक्त सभी घोटालों की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करवाई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ सके। गठबंधन की सरकार को प्रदेश को भ्रष्टाचारमुक्त करने के लिए आयोजन करने की बजाय भ्रष्ट अधिकारियों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त से सख्त समयबद्ध कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए।