असंध,08.12.19- भगवद्गीता कालजयी ग्रन्थ है इसका सन्देश समूची मानवता के लिए हर काल खंड में समान रूप से उपयोगी रहा है और आने वाले समय में भी रहेगा । आइए भगवान कृष्ण के दिए इस ज्ञान सागर से कुछ उपयोगी सूत्र चुनकर बेहतरीन हरियाणा और नवीन भारत के निर्माण में जुट जाएं । ये उद्गार असन्ध तीर्थ पर कुरुक्षेत्र डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्या वक्ता पधारे हरियाणा ग्रन्थ अकादमी के उपाध्यक्ष व भाजपा नेता डॉ. वीरेन्द्र सिंह चौहान ने प्रकट किए । कार्यक्रम की अध्यक्षता तीर्थ समिति के अध्यक्ष बाबूराम सिंगला व सचिव रामपाल शास्त्री ने संयुक्त रूप से की ।

डॉ. चौहान ने अपने संबोधन में गीता के कर्म सिद्धांत को समान्य व्यवहार में प्रतिपादन योग्य बताते हुए कहा कि अगर हर नागरिक अपने कर्म अर्थात कर्तव्य का कायदे से अनुपालन या निर्वहन करे तो देश व समाज के सभी समस्याओं का स्वतः समाधान हो जाएगा । डॉ. चौहान ने सभी उपस्थित प्रबुद्ध जनों का आह्वान किया कि जिस प्रकार पांडव कौरवों की छोटी सोच के खिलाफ लड़े उसी प्रकार आज हम सबको अर्जुन बनकर अपने भीतर की व सामाजिक जीवन की बुराइयों के खिलाफ लड़ना है ।

कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से पधारे जागृति मंच के कलाकार जोगिन्दर कुमार, रमेश कुमार, विक्रम, बसेसर, आसू, साबर, समसाद ने सुमधुर स्वरों में भजनों को प्रस्तुत कर असंध को भक्ती रस में सराबोर कर दिया ।

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से पधारे उत्थान थिएटर ग्रुप के कलाकारों ने विकास शर्मा के नेतृत्व में " कुरुक्षेत्र से गीता की ओर " नामक नाटक का मंचन किया तथा "छोरा में हरियाणा का " गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया ।

इस अवसर पर डॉ. बूटी राम, प्रीतम लाल छाबडा, विष्णु तायल , नरसी राम , संजय राम भट्ट , अजय कुमार, अधिवक्ता नरेन्द्र शर्मा, राम कुमार गुप्ता, मदन लाल , अमृत लाल गुप्ता व अन्य गणमान्य उपस्थित थे ।