चंडीगढ़, 18 नवम्बर: पिछले दिनों विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को लेकर धान घोटाले की जांच-पड़ताल के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाने की बात कही थी। इसी के मद्देनजर इनेलो नेता तुरंत प्रभाव से एक्शन में आए और जिला अम्बाला की मंडियो में दौरे किए, किसानों की परेशानियों से रूबरू हुए और जिले में इनेलो जिला प्रधानों की ड्यूटियां भी लगाई। इसी बाबत इनेलो नेता ने स्वयं आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को एक पत्र दिया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि किसानों के साथ सरकारी खरीद एजेंसियां नमी के नाम से कटौती करके किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार जितनी राशि बनती है उतनी अदायगी नहीं की जाती। आढ़तिया जब जे-फार्म किसान को देता है तो उसमें से कुछ राशि कैश दिखा कर काट ली जाती है और किसान को उसके धान का पूरा मूल्य नहीं मिल पाता। इस संबंध में विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया था कि अगर इसमें कोई दिक्कत होगी तो इसकी जांच करवाएंगेे और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मुझे शामिल करके जांच बारे कमेटी बनाने की घोषणा की थी और यह भी कहा था कि माननीय सदस्य स्वयं मंडियों में जाकर चैक करें और इसके बारे में सबूत लाकर दें।
इनेलो नेता ने बताया कि विधानसभा की बैठक समाप्त होने के बाद मैंने स्वयं 6 नवम्बर, 2019 को अम्बाला शहर एवं करनाल की मंडी में मौके पर जाकर धान की खरीद के बारे में जायजा लिया जिस पर किसानों ने बताते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि पहले तो सरकार ने 21 अक्तूबर, 2019 से खरीद ही बंद कर रखी है और जो खरीद की है उसमें नमी के नाम से किसान से अनुचित कटौती की जा रही है। उन्होंने बताया कि सबूत के तौर पर किसानों द्वारा दिए गए जे-फार्मों की प्रतियां पत्र के साथ संलग्न कर दी हैं जिसमें एक में से 19,020 रुपए और दूसरे में से 28,545 रुपए नमी की आड़ में काट कर जे-फार्म में पूरा न्यूनतम समर्थन मूल्य दिखाया गया है। इस तरह यह कटौती अपने आप में एक बहुत बड़ा घोटाला है और एक दंडनीय अपराध भी है जिसकी जांच करवाई जानी अति आवश्यक है।
इनेलो नेता ने पत्र में लिखा है कि इस बार सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद किए गए धान की किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवाई जानी चाहिए ताकि किसानों से जो राशि नमी के नाम से या किसी ओर वजह से काटी गई है उसका पता लग सके कि यह राशि क्या सरकार के खाते में जमा हुई है या खरीद एजेंसी के खाते में या फिर किसी अन्य बिचौलिए के खाते में गई है और यह भी जांच करवाई जाए कि नकदी के नाम से जे-फार्म में काटी गई राशि इस कोष/फंड में जमा करवाई गई है उसकी विस्तृत जांच करवानी आवश्यक है। इनेलो नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो घोषणा विधानसभा सत्र के दौरान जांच करवाने बारे की थी, उसे तुरंत प्रभाव से अमल में लाया जाए।