हरियाणा के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. इन्द्र जीत ने कहा कि जिस मतदाता का नाम मतदाता सूची में है, केवल वही मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकता है। चंडीगढ़, 15

Chandigarh,15,अक्तूबर- हरियाणा के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. इन्द्र जीत ने कहा कि जिस मतदाता का नाम मतदाता सूची में है, केवल वही मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकता है। यदि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में है, लेकिन उसके पास फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र (एपिक) नहीं है तो वह आयोग द्वारा निर्दिष्ट 11 वैकल्पिक पहचान पत्र दिखाकर अपना वोट डाल सकता है। मतदाता को मतदान केंद्र में अपने मत की गोपनीयता बनाए रखना भी अनिवार्य है और ये उसकी नैतिक जिम्मेवारी भी है।
डॉ. इन्द्र जीत ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि मतदाता के पास पुराना एपिक कार्ड है तो भी वह वोट डाल सकता है बशर्ते कि उसका नाम उस क्षेत्र की मतदाता सूची में होना चाहिए। अगर किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में नहीं है तथा वह वोट डालने के लिए मतदान केंद्र पर अपना आधार कार्ड या वोटर कार्ड या अन्य कोई पहचान पत्र दिखाता है तो उसे वोट डालने नहीं दिया जाएगा। मतदाता केवल तभी वोट डाल सकता है जब उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो।
उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्रीय, राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, सांसदों, विधायकों / एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र और आधार कार्ड शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए
https://ceoharyana.nic.in/ पर ‘वोटर सर्च इंजन’ बनाया गया है। इसके माध्यम से वोटर को अपने वोट की जानकारी त्वरित गति व आसानी से प्राप्त होती है। इसकी सहायता से वोटर अपना एपिक नंबर डाल कर बड़ी आसानी से अपना वोट चैक कर सकते हैं। यदि कोई अपना एपिक नंबर भूल गया है तो भी वह अपना नाम व पिता-पति आदि का नाम भरकर सर्च इंजन के माध्यम से अपना वोट चैक कर सकता हैं। उन्होंने बताया कि वैबसाइट पर पोलिंग स्टेशन की मतदाता सूची भी अपलोड है, उसे डाउनलोड करके भी कोई व्यक्ति अपना नाम चैैक कर सकता है। इसके अलावा, वोटर हेल्पलाइन नंबर- 1950 पर कॉल करके भी अपनी वोट चैक कर सकते हैं।
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हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में नेत्रहीन दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए एपिक कार्ड और फोटो वोटर स्लिप ब्रेल लिपी में छपवाई गई हैं।

चंडीगढ़, 15 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में नेत्रहीन दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए एपिक कार्ड और फोटो वोटर स्लिप ब्रेल लिपी में छपवाई गई हैं। इसके अलावा, दिव्यांग मतदाताओं को अनेक प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिसमें व्हीलचेयर की व्यवस्था, मतदान केंद्रों में रैम्प और परिवहन की सुविधा शामिल हैं।
श्री अनुराग अग्रवाल ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि लोकसभा आम चुनाव-2019 में चिन्हित दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 1 लाख 4 हजार थी। प्रदेशभर में चलाए गए स्वीप कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप अब दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 1 लाख 38 हजार 196 हो गई है। उन्होंने बताया कि 4 अक्तूबर, 2019 के अनुसार राज्य में नेत्रहीन दिव्यांग मतदाता 11,660, बोलने और सुनने में असमर्थ दिव्यांग मतदाता 8428, चलने में असमर्थ दिव्यांग मतदाता 79537 और अन्य दिव्यांग मतदाता 38,571 हैं। उन्होंने बताया कि सभी दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने और वापिस घर छोडऩे के लिए वाहन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी और जो मतदाता चलने में असमर्थ हैं, उन दिव्यांग मतदाताओं को व्हीलचेयर भी उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर रैम्प की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके साथ ही, उनकी सहायता के लिए एनसीसी, एनएसएस और रेड क्रॉस वॉलंटियर्स की भी व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जो दिव्यांग मतदाता मतदान केंद्र तक जाने और घर वापिस आने के लिए परिवहन की सुविधा तथा व्हीलचेयर की सुविधा चाहते हैं, उन्हें जिला प्रशासन को 4 से 5 दिन पहले सूचित करना होगा। इसके अलावा, पीडब्ल्यूडी मोबाइल एप के माध्यम से भी इन सुविधाओं के लिए मांग कर सकते हैं।
श्री अनुराग अग्रवाल ने बताया कि नेत्रहीन दिव्यांग मतदाता और असक्त दिव्यांग मतदाता जो मशीन का बटन दबाकर वोट डालने में असमर्थ हैं, वे वोट डालने के लिए अपने साथ एक सहयोगी को लेकर जा सकते हैं। सहयोगी की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि दिव्यांग मतदाता जो खुद मशीन का बटन दबाकर वोट डालने में समर्थ है, उन मतदाताओं के साथ आने वाले सहयोगी दिव्यांग मतदाता को वोटिंग कक्ष तक ले जा सकते हैं, परंतु सहयोगी वोटिंग कक्ष के अंदर नहीं जा सकते हैं।
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आगामी 21 अक्तूबर 2019 को होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव में सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन (स्वीप) के तहत युवाओं को जागरूक करने के लिए राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं।
चंडीगढ़, 15 अक्तूबर- आगामी 21 अक्तूबर 2019 को होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव में सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन (स्वीप) के तहत युवाओं को जागरूक करने के लिए राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। उच्चतर शिक्षा विभाग एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक श्री ए. श्रीनिवास ने इस संबंध में समीक्षा करने के लिए आज वीडियो कान्फ्रैंसिंग के माध्यम से सरकारी, सहायता प्राप्त, स्व-वित्तपोषित कॉलेजों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक के प्राचार्यों और राज्य विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस वीडियो कान्फ्रैंसिंग में 157 सरकारी कॉलेजों, 97 एडिड कॉलेजों, 87 सेल्फ-फाइनेंसिंग कॉलेजों, सभी स्टेट यूनिवर्सिटीज, 37 गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, 4 एडिड पॉलिटेक्निक, जिला एनआईसी सेंटरों के 4 इंजीनियरिंग कॉलेजों ने भाग लिया।
उच्चतर शिक्षा विभाग एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक ने सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने को कहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों में विद्यार्थी और उनके परिवार के अधिक से अधिक सदस्य वोट डालें। उच्चतर शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य में विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और पॉलिटेक्निकों को चुनावी प्रक्रिया के बारे में युवाओं में जागरूकता पैदा करने, उन्हें मतदाता पंजीकरण और मतदाताओं के अधिकारों आदि के बारे में प्रोत्साहित करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। इस पहल के तहत, सभी संस्थानों को नामित किया गया है। उनमें नोडल अधिकारी बनाए गए हैं तथा निर्वाचन साक्षरता क्लबों का गठन किया गया है।
श्री ए. श्रीनिवास ने बताया कि अधिकतर विद्यार्थी अपना वोट डालें, यह सुनिश्चित करने के लिए कि कॉलेजों में नियमित बैठकें की जा रही हैं। यह निर्णय लिया गया है कि अपना वोट डालने वाले विद्यार्थियों को चुनाव समाप्त होने के बाद कॉलेजों/विश्वविद्यालयों में सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को प्रमाणपत्र भेजे हैं। उन्होंने बताया कि जिन संस्थाओं के अधिकतर विद्यार्थी वोट डालेंगे उन संस्था प्रमुखों को भी राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।