धर्मशाला, 15 अक्तूबर: प्राकृतिक आपदा आने का कोई समय नहीं होता है तथा आपदा को टाला नहीं जा सकता लेकिन बेहतर प्रबंधन एवं पूर्ण तैयारियों से इससे होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
यह जानकारी आज सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा अधिकृत सरस्वती स्वर संगम कला मंच धर्मशाला के कलाकारों ने आज उपमंडल जयसिंहपुर के बस अड्डा जयसिंहपुर तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लम्बागांव में दी।
कलाकारों ने बताया कि 1905 में हुए विनाशकारी भूकंप में न केवल हजारों मौतें हुई बल्कि असंख्य मकान भी ध्वस्त हो गये थे। भूकंप की दृष्टि से अतिसंवेदनशील जिला कांगड़ा में आज यह आवश्यक हो गया है कि सुरक्षित जीवन जीने के लिए हर आदमी वैज्ञानिक आधार पर अपना घर सुरक्षित बनाए। उन्होंने बताया कि भूकंप किसी को नहीं मारते बल्कि दोषपूर्ण भवनों के गिरने से ही जन हानि होती हैै।
कलाकारों ने बताया कि अगला भूकंप कब, कहां और कितना बड़ा होगा यह कोई भी नहीं बता सकता। भविष्य में इस इलाके में भूकंप आने से जान व माल की इतनी हानि न हो, इसके लिए भूकंपरोधी तंत्र का प्रयोग करके हमें मौजूदा घरों को मजबूत करना और नए घरों को भूकंप सूरक्षित बनाना ही सबसे उचित उपाय है। उन्होंने लोगों से भूकंपरोधक का प्रयोग कर, सरक्षित जीवन की शुरूआत करने की अपील की।
इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लम्बागांव के प्रधानाचार्य रवि प्रकाश शर्मा सहित स्कूल के अध्यापक, बच्चे तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।