धर्मषाला, 15 सितंबर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष, उच्च न्यायालय के न्यायाधीष धर्म चंद चैधरी ने रविवार को बीडीओ सभागार में लीगल ऐड काउंसलर्स, पेनल अधिवक्ता तथा रिटेनर अधिवक्ताओं, वालंटियर्स को विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि संविधान देष के प्रत्येक नागरिक को न्याय प्राप्ति का समान अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि राज्य के कमजोर वर्गों एवं आर्थिक रूप से असहाय व्यक्तियों को उनके मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिष्चित करने के लिए निषुल्क विधिक सेवा सलाह का प्रावधान किया गया है इसके साथ ही ष्षीघ्र न्याय उपलब्ध करवाने के उद्देष्य से लोक अदालतों का भी आयोजन करवाकर प्रकरणों का आपसी समझौते के माध्यम से ष्षीघ्र निराकरण करवाया जाता है।
उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आम लोगों को न्याय दिलाने के लिए आरंभ किए गए विभिन्न प्रकल्पों के बारे में जानकारी देने के लिए नियमित तौर पर विधिक साक्षरता षिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि पा़त्र लोग न्याय के अधिकार से वंचित नहीं रहें। इन जागरूकता षिविरों में घरेलू हिंसा में महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, मध्यस्थ एवं सुलह विधि, मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, महिलाओं के महत्वपूर्ण विधिक अधिकार, बाल संरक्षण अधिनियम, सीनियर सिटीजन तथा गरीब व्यक्तियों को उनके अधिकारों के प्रति संरक्षण, संविधान के साथ कई कानूनों की जानकारी दी जाती है।
इससे पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीष जेके षर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए जिला में विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर बार एसोसिएषन के अध्यक्ष तरूण षर्मा सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।