Chandigarh,15.06.19-शहर के प्रतिष्ठित संस्था प्राचीन कला केन्द्र द्वारा आज सैक्टर 71 स्थित डाॅ.शोभा कौसर सभागार में मासिक कार्यक्रम परम्परा के चैदहवें संस्करण में केन्द्र के छात्रों ने अपनी कला का बखूबी प्रदर्शन किया । इसमें कुल 25 बच्चों ने भाग लिया ।
कार्यक्रम में केन्द्र के संगीत विभाग में कार्यरत संगीत गुरू चरनजीत कौर एवं जसबीर सिंह के निर्देशन में बच्चों ने सांगीतिक रंगों में डूबी शाम को संजोया । कुल दस प्रस्तुतियों से सजी इस शाम को बच्चों ने विभिन्न कार्यक्रम पेश किए ।
कार्यक्रम का आरंभ प्रार्थना ‘‘ऐ मालिक तेरे बंदे हम एवं बिनती ये है नाथ हमारी’’ से हुआ । उपरांत नन्हें बच्चों द्वारा सरगम पेश की गई जिसमें अलंकार एवं स्वर मालिका प्रस्तुत की गई । इसके पश्चात राग भैरवी में निबद्ध रचना ‘‘डगर चलत छेड़े शाम प्रस्तुत की गई । जिसे खूब सराहा गया । उपरांत राग यमन पर आधारित रचना ‘‘ ऐ री आली पिया बिना’’ प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए राग भोपाली पर आधारित रचना ‘‘गुरू की महिमा गाई सबने’’ पेश किया गया । उपरांत राग पीलू और देश में निबद्ध रचनाएं पेश करके बच्चों ने खूब तालियां बटोरी ।
कार्यक्रम के अगले भाग में सूफी गायन की सुंदर प्रस्तुतियां पेश की गई । सबसे पहले ‘‘सांसो की माला पे सिमरूं’’ पेश किया गया । उपरांत बुल्ले शाह द्वारा रचित ‘‘ आवो नी सईयों रल मिल गाओ एवं अमीर खुसरो की प्रसिद्ध रचना ‘‘छाप तिलक सब छीनी’’ पेश करके दर्शकों की खूब तालियां बटोरी । कार्यक्रम का समापन सितार वादन से हुआ । जिसमें सितार में मियां की तोड़ी एवं रज़ाखानी गत प्रस्तुत की गई ।
कार्यक्रम के अंत में डा.शोभा कौसर एवं सचिव श्री सजल कौसर ने बच्चों का सराहना भरे शब्दों से हौसला बढ़ाया और गुरूओं की भी प्रशंसा की