Chandigarh,29.05.19-कला व संस्कृति को पूर्ण रूप से समर्पित संस्था प्राचीन कला केन्द्र अपनी स्थापना वर्ष 1956 से निरंतर भारतीय शास्त्रीय कलाओं का प्रचार प्रसार व संरक्षण कर कलाजगत में अहम भूमिका निभा रहा है केन्द्र द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं में उतीर्ण हुए विद्यार्थीयों के लिए समय-समय विभिन्न प्रांतों में दीक्षांत समारोह काआयोजन किया जाता रहा है। अपनी इसी श्रृंखला के अन्तर्गत केन्द्र उतरी क्षेत्र जिसमें शामिल है। पंजाब,हरियाणा,हिमाचल प्रदेश तथा केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़विद्यार्थीयों के लिए रविवार 26 मई को स्थानीय डाॅ.एम.एस.रंधावा सभागार पंजाब कला भवन में प्रातः 11 बजे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया जिसकेअन्तर्गत भास्कर पूर्ण ;सत्र 2018 अद्ध तथा विशारद पूर्ण ;वार्षिक 2017.2018 अद्ध एवं अर्ध वार्षिक ;सत्र 2018 के 110 विद्यार्थीयों को उक्त मेडल एवं प्रमाण पत्रोंसे पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री डी.के.तिवारी आईएएस,प्रिंसीपल सैक्ट्री टैक्नीकल एजुकेशन एंड इंडस्ट्यिल ट्ेंनिंग एवं प्रसिद्धसितार वादक प्रोफैसर डाॅ.हरविन्द्र कुमार शर्मा ने सम्बोधन भाषण दिया ।उन्होंने इस अवसर पर केन्द्र के संगीत एवं कला के क्षेत्र में योगदान की प्रशंसा करकेविद्यार्थीयों को भारतीय कला के प्रति सर्मपण के लिए प्रेरित किया।

प्राचीन कला केन्द्र की संपूर्ण भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कुल मिलाकर 3800 से अधिक शाखाएं हैं जिसमें भारतीय शास्त्रीय संगीत,नृत्य एवं चित्रकला जैसीविधाओं की शिक्षा दी जाती है। दीक्षांत समारोह में विद्यार्थीयों को विशारद एवं भास्कर के प्रमाण पत्र एवं डिप्लोमा प्रदान करने के अतिरिक्त प्राचीन कला केन्द्र कीअन्य रीत भी है जिसमें केन्द्र एक मंझे हुए कलाकार एवं अपने पुराने सहयोगी को भी सम्मानित करता है। इस बार केन्द्र द्वारा अपने पुराने सहयोगी श्री मनोहर लालको स्मृति चिन्ह एवं शाल देकर सम्मानित किया गया।

प्राचीन कला केन्द्र की कुशल कार्यप्रणाली के कारण देश के सभी हिस्सों में विद्यार्थीयों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। सत्र 2017.2018 में 3ए23ए658 विद्यार्थी केन्द्रद्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं मंे बैठे। जिसमें 14272 विद्यार्थी पंजाब,हरियाणा,हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ से शामिल हुए। जिसमें भास्कर पूर्ण की परीक्षा मेंकुल 78 विद्यार्थी बैठे और 85.89% जबकि विशारद पूर्ण कुल 613 विद्यार्थी जिसका परिणाम 87.27%रहा

संगीतमय कार्यक्रम

दीक्षांत समारोह के उपरांत केन्द्र की भास्कर पूर्ण एवं विशारद पूर्ण की परीक्षाओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थीयों ने मंच प्रस्तुति दी। सबसे पहलेअवनिंदर ने शास्त्रीय गायन की राग अहीर भैरव में प्रस्तुति दी । उपरांत पटियाला से आए सतपिंदर ने तबला वादन 3 ताल में पेशकार, रेले, पलटे का प्रदर्शन किया । कार्यक्रम के अगले भाग में सोनाक्षी ने उड़ीसी नृत्य की खूबसूरत प्रस्तुति दी