CHANDIGARH,20.04.19-शहर की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था प्राचीन कला केन्द्र द्वारा आज सैक्टर 35 स्थित एम.एल.कौसर सभागार में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । केन्द्र पिछले पांच दशकों से लगातार भारतीय कला एवं संस्कृति को संवारने एवं बढ़ावा देने का जटिल कार्य सफलतापूर्वक करता आ रहा है । केन्द्र एक ओर जहां सभी महान कलाकारों को मंच प्रदान करता है वहीं दूसरी और उभरते कलााकारों को पनपने के लिए मंच भी प्रदान करता है ।
केन्द्र में संगीत एवं नृत्य का प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थीयों के लिए साल 2016 में मासिक कड़ी परम्परा के तहत आज 12वीं कड़ी में कत्थक नृत्य की विभिन्न प्रस्तुतियां पेश की गई । आज के कार्यक्रम में केन्द्र के नृत्य विभाग में बतौर कत्थक गुरू कार्यरत योगेश गंगानी के नेतृत्च में केन्द्र के विद्यार्थीयों द्वारा कत्थक नृत्य की विभिन्न प्रस्तुतियां पेश की गई । इस कार्यक्रम में लगभग 70 कलाकारों ने भाग लिया और कुल 6 प्रस्तुतियां पेश की गई ।
आज के कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना ‘‘प्रथम सुमिरन श्री गणेश’’ से हुई । उपरांत गुरू वंदना पेश की गई जिसमें कलाकारों ने गुरू को नमन कर गुरू के महत्व को नृत्य के माध्यम से दर्शाया । कार्यक्रम के अगले भाग में त्रिशणु प्रस्तुत किया गया । उपरांत अंताक्षरी पेश की गई । कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए राम भजन ‘‘ऐसो राम दुख हरन’’ पेश किया गया जिसमें कलाकारों ने अभिनय पक्ष पर अपनी मजबूत पकड़ को बखूबी दर्शाया ।
कार्यक्रम का समापन तिसर जाति से किया गया । जिसमें आमद,थाट,उठान,परन,गत एवं तिहाईयां पेश की गई । संगत कलाकारों में गायन पर गुरू योगेश गंगानी,तबले पर भास्कर एवं पढ़ंत पर प्रियदर्शनी एवं उन्नति शर्मा ने संगत की ।
कार्यक्रम के अंत में केन्द्र की रजिस्ट्ार डाॅ.शोभा कौसर ने स्नेह और प्रशंसा भरे शब्दों से विद्यार्थीयों एवं गुरूओं की प्रशंसा की ।