सोलन, 24 मार्च- सोलन मिलिट्री स्टेशन में आज पूर्व सैनिक संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिमला ,सोलन और सिरमौर जिलों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 2 हजार पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं और वीर नारियों ने शिरकत की । पूर्व सैनिकों , युद्ध विधवाओं और वीर नारियों के सम्मान और उनकी विभिन्न समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अलावा निजी विश्वविद्यालयों के स्टॉल भी स्थापित किए गए थे। इनमें निर्वाचन विभाग द्वारा जहां वीवीपैट और ईवीएम मशीन की कार्य प्रणाली की जानकारी को लेकर स्टॉल लगाया गया था, वहीं जिला प्रशासन द्वारा आधार की अपडेशन के लिए भी विशेष तौर से इंतजाम मौजूद था। इन सभी स्टालों के माध्यम से कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने विभिन्न तरह की जानकारियां भी हासिल कीं।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मेजर जनरल एमके दास मौजूद रहे और उन्होंने सम्पर्क कार्यक्रम को पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं और वीर नारियों के प्रति आदर व्यक्त करने के अलावा उनकी विभिन्न समस्याओं को समझने व उनका हल करने की दिशा में प्रभावी कदम बताया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं में सभी क्षमताएं मौजूद हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही दिशा मिले और उनका मार्गदर्शन हो। मौजूदा समय में भी हिमाचल प्रदेश के युवा बतौर सैन्य अधिकारी और जवान देश के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखने में देश के सैनिक और अर्धसैनिक बलों का अत्यंत ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उपायुक्त विनोद कुमार ने देश के सैन्य बलों के पराक्रम और शौर्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि सिविल प्रशासन सेवारत और पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहा है और आगे भी रहेगा। इस मौके पर उन्होंने लोक सभा चुनाव के दृष्टिगत लोगों से आह्वान भी किया कि विशेष तौर से जो युवा 1 जनवरी 2019 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं वे मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य दर्ज करवाएं ताकि आगामी लोकसभा चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र भरने के आखिरी दिन तक मतदाता सूचियों में नाम दर्ज करवाया जा सकता है।लेकिन लोग अविलंब अपना नाम दर्ज करवाने को लेकर तत्परता दिखाएं ताकि वे इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनकर उसमें अपनी भागीदारी निभा सकें। राज्य सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर(सेवानिवृत ) एसके वर्मा ने बताया कि सेना में कार्यरत सैनिक अपने सेवाकाल के दौरान अपनी शिक्षा के स्तर को बढ़ाने को लेकर पूरे प्रयास करें। उन्होंने व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त करने की भी सलाह दी ताकि सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित पदों पर नियुक्तियां दी जा सकें। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विभागों में 15 फ़ीसदी पदों को इस वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 115000 पूर्व सैनिक मौजूद हैं।
इस मौके पर युद्ध विधवाओं और वीर नारियों को सम्मानित करने के अलावा सैन्य कार्रवाई के दौरान शारीरिक तौर पर अपंगता प्राप्त 4 सैनिकों को विशेष तौर से मॉडिफाइड स्कूटर भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में जहां मिल्ट्री बैंड की मधुर प्रस्तुति रही वहीं सैन्य टुकड़ी द्वारा मार्च पास्ट का बेहद आकर्षक प्रदर्शन भी किया। पंजाबी और हिमाचली लोक कलाकारों द्वारा पंजाब और हिमाचल का लोक संगीत और नृत्य भी पेश किया गया। इस मौके पर अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अलावा उपायुक्त विनोद कुमार, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर(सेवा निवृत) एसके वर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मधुसूदन , अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल, सहायक आयुक्त भानु गुप्ता और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।