सोलन -दिनांक 17.03.2019-मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष उपमंडलीय विधिक सेवा समिति राजेश चैहान ने कहा कि लोग राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्थापित हेल्पलाइन और टोल फ्री नंबर के जरिए भी विधिक सेवाओं से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं । मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी में यह बात आज जिले के सलोगड़ा में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन के दौरान कही । उन्होंने कहा कि इस मकसद के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा हेल्पलाइन नंबर 94180 -33385 और टोल फ्री नंबर 15100 स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि मुफ्त कानूनी सहायता के तहत पात्र व्यक्तियों को वकीलों के पैनल में से सरकारी खर्च पर वकील की सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती है। इसके अलावा टाइपिंग व याचिकाओं और दस्तावेजों को तैयार करने, गवाहों को बुलाने और मुकदमों से संबंधित अन्य खर्च को भी मुफ्त कानूनी सहायता के तौर पर प्रदान किया जाता है। मुफ्त कानूनी सेवा में किसी मुकदमे को लेकर कानूनी सलाह भी प्राप्त की जा सकती है । उन्होंने जानकारी देते बताया कि विधिक सेवा अधिनियम 1987 के तहत मुफ्त कानूनी सहायता के पात्रों में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य, संविधान के अनुच्छेद 23 में मानव दुर्व्यवहार या बेगार के शिकार , महिला या बालक, मानसिक रोगी या विकलांग, अनपेक्षित अभाव जैसी बहुविनाश , जातीय हिंसा, जातीय अत्याचार, बाढ़ , सूखा , भूकंप या औद्योगिक संकट के शिकार व्यक्ति, औद्योगिक श्रमिक , कारागृह , किशोर , मनोचिकित्सा अस्पताल, मनोचिकित्सीय परिचर्या गृह में अभिरक्षा में रखे गए व्यक्ति, हिजड़ा समुदाय से संबंध रखने वाले , एचआईवी या एड्स से पीड़ित व्यक्ति शामिल हैं । इसके अलावा मुफ्त कानूनी सहायता के लिए वे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आमदनी एक लाख रुपए से कम हो और वे वरिष्ठ नागरिक जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक हो उनकी वार्षिक आमदनी दो लाख से कम हो भी पात्रता रखते हैं। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने पैरा लीगल वालंटियर और फ्रंट ऑफिस को लेकर भी जानकारी साझा की। शिविर के दौरान एडवोकेट सुनील शर्मा ने महिलाओं के अधिकारों की जानकारी साझा करने के अलावा भरण पोषण अधिकार अधिनियम, घरेलू हिंसा, बाल सुधार योजना, बाल बालिका सुरक्षा योजना के अलावा मीडिएशन सेंटर की सुविधा और उपयोग को लेकर अपने विचार रखे। जबकि एडवोकेट अजय शर्मा ने मोटर व्हीकल एक्ट और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को लेकर शिविर में मौजूद लोगों को जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के दुष्प्रभाव पर अंकुश लगाने के लिए लोग नशा बेचने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने में आगे आएं। इस शिविर में ग्राम पंचायत सलोगड़ा के उपप्रधान मायाराम और स्थानीय वार्ड सदस्य जोगिंदर सिंह भी मौजूद रहे।
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चुनाव प्रचार में लाउडस्पीकर के प्रयोग के लिए अनुमति जरूरी: डीसी
सुबह छह बजे से रात्रि दस बजे तक ही लाउड स्पीकर से होगा प्रचार
धर्मशाला, 17 मार्च। लोकसभा निर्वाचन-2019 के दृष्टिगत चुनावी रैलियों तथा वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाने के लिए अनुमति लेना अत्यंत जरूरी है। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी डीसी संदीप कुमार ने देते हुए बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक लाउड स्पीकर का प्रयोग प्रातः छह बजे से लेकर रात्रि दस बजे तक किया जा सकता है जबकि रात्रि दस बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
उपायुक्त संदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि लाउडस्पीकर की ध्वनि के डेसिबल भी निर्धारित किए गए हैं, निर्धारित डेसिबल से ज्यादा ध्वनि भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानी जाएगी।
उन्होंने कहा कि मतदान से 48 घंटे पहले लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रचार नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों द्वारा जिन प्रचार वाहनों में लाउडस्पीकर लगाने के लिए अधिकृत किया जाएगा उन वाहनों का पंजीकरण नंबर सहित जानकारी देना जरूरी होगा, प्रचार के दौरान लाउडस्पीकर का अनुमति पत्र भी वाहन में रखना होगा।
उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों को चुनावी रैलियों, वाहनों तथा चुनाव प्रचार संबंधी अन्य अनुमतियां सुविधा वेब पोर्टल के माध्यम से लेना अनिवार्य है। उपायुक्त ने बताया कि लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार के लिए खर्चे की सीमा सत्तर लाख तक निर्धारित की गई है तथा दस हजार से उपर तक चुनाव प्रचार पर व्यय चेक या आरटीजीएस के माध्यम से ही किया जाएगा।
उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा कि निष्पक्ष तथा स्वतंत्र निर्वाचन के लिए तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं इस में विभिन्न गतिविधियों के लिए 17 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा शराब के वितरण और मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए आबकारी विभाग के 2 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं और धन की निगरानी के लिए एक आयकर अधिकारी की नियुक्ति की गई है। उन्होंने बताया कि जिला संपर्क केंद्र (डीसीसी) को टोल फ्री नंबर 1950 पर कार्यात्मक बनाया गया है। इसके अलावा सभी 15 विधानसभा क्षेत्रों में 35 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 149 सेक्टर अधिकारी भी तैनात किए गए हैं।

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