चण्डीगढ, 10 अगस्त। शिक्षा को राष्ट्र की चिंता करनी चाहिए। 21वीं सदी के राष्ट्र की जरूरत के अनुसार मानव संसाधन बनाना शिक्षा की सबसे बड़ी चुनौती है। हम जैसा देश बनाना चाहते हैं उसके लिए वैसा ही आदमी बनाना पड़ेगा। आदमी बनाने का काम शिक्षा करती है। यदि हम देश का आधुनिक ज्ञान-विज्ञान में दक्ष युवा नहीं देंगे तो शिक्षा व्यर्थ है। इसलिए विश्वविद्यालय इस कसौटी पर खरा उतरने के लिए कमर कस लें। ये उद्गार हरियाणा के राज्यपाल प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी ने आज हरियाणा राजभवन में निजी क्षेत्र के हरियाणा में स्थित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में बोलते हुए व्यक्त किए। बैठक का आयोजन हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् ने किया था। बैठक में इस समय हरियाणा में उच्चतर शिक्षा की स्थिति का आकलन कर भविष्य के लिए विजन पर विचार-विमर्श किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि केन्द्र सरकार देश में 20 श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों का चयन करना चाहती है। इनमें से 10 सरकारी और 10 प्राईवेट विश्वविद्यालय हांेगे। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि इन 20 में हरियाणा के ज्यादा से ज्यादा विश्वविद्यालय आएं। अतः सभी विश्वविद्यालय अपनी भविष्य की योजना बनाते समय इस बात पर ध्यान केन्द्रित करें।
प्रो0 सोलंकी ने खुशी व्यक्त की कि पिछले दिनों हरियाणा के तीन विश्वविद्यालयों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने स्वायत्तता प्रदान की है। इनमें से ओ0 पी0 जिंदल ग्लोबल विश्वविद्यालय निजी क्षेत्र में है। जबकि देश के निजी क्षेत्र के कुल दो विश्वविद्यालयों को ही स्वायत्तता मिली है। इसके अलावा सरकारी क्षेत्र के 21 विश्वविद्यालयें को स्वायत्तता मिली है। जिनमें से हरियाणा के कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय और गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय को स्वायत्तता मिली है। इससे साबित होता है कि हरियाणा में शिक्षा की गुणवत्ता काफी अच्छी है।
राज्यपाल ने आगे कहा कि 1966 में जब हरियाणा बना तो यहां केवल एक विश्वविद्यालय था। अब 41 विश्वविद्यालय हो गए हैं जो हर आधुनिक विषय की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
इससे पहले हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष प्रो0 बी0 के0 कुठियाला ने कुलपतियों से आग्रह किया कि वे कम से कम एक ऐसा विषय तय कर लें जिसमें अगले 3 से 4 साल में उन्होंने श्रेष्ठ प्रदर्शन करके दिखाना है। उन्होंने हरियाणा में निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। राज्यपाल के सचिव डाॅ0 अमित कुमार अग्रवाल ने बैठक में सबका स्वागत किया।
बैठक में उच्चतर शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती ज्योति अरोड़ा व शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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