बिजली वितरण निगमों द्वारा प्रदेश में 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य एनर्जी एफिश्येंसीसर्विसिज लिमिटिड (ई.ई.एस.एल.) को सोंपा
चंडीगढ़, 11 जुलाई- हरियाणा के बिजली वितरण निगमों द्वारा प्रदेश में 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य एनर्जी एफिश्येंसीसर्विसिज लिमिटिड (ई.ई.एस.एल.) को सोंपा गया है। आज प्रदेश के दोनों बिजली वितरण निगमों (उत्तर हरियाणा बिजलीवितरण निगम एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम) और (ई.ई.एस.एल.) द्वारा मैमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए। प्रथम चरण में पानीपत, करनाल, पंचकूला, फरीदाबाद और गुरुग्राम जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
यह जानकारी देते हुए निगम के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था को और बेहतर करने के लक्ष्य से पुराने मीटरों को बदलकर नए जी.पी.आर.एस. बेस्ड मीटर लगाए जाएंगे। मीटरों के जी.पी.आर.एस. द्वारा कंट्रोल रुम से जुडे होने से उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान में तीव्रता आएगी और मीटर रीडिंग भी सीधे सिस्टम में डाउनलोड हो जाएगी, जिससे कि गलत बिल बनने की समस्या से भी उपभोक्ताओं को निजात मिलेगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई उदय योजना के तहत वित्तीय सुधार व सिस्टम सुधारने के लिए मासिक खपत 200 यूनिट से अधिक वाले सभी उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं एच.ई.आर.सी. द्वारा नेशनल टैरिफ़ पॉलिसी 2016 के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
नए स्मार्ट मीटरों में प्रीपेड की सुविधा लेने की तकनीक भी उपलब्ध है जिससे कि उपभोक्ता अपनी खपत की सही जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, उपभोक्ता नए स्मार्ट मीटर में पीक लोड़ कंट्रोल की सुविधा का भी लाभ ले सकेंगे। स्मार्टमीटर लगने से बिलिंग में होने वाली त्रुटियां भी लगभग समाप्त हो जाएंगी पुराने सभी मीटर निगम के ख़र्च पर बदले जाएंगे, इसके लिए उपभोक्ता पर अतिरिक्त भार नहीं डाला जाएगा।
उन्होंने बताया कि 2015 में मौजूदा सरकार द्वारा शुरू की गई म्हारा गाँव-जगमग गाँव योजना ने बड़ी सफलता हासिल की है। योजना के तहत प्रदेश भर के 2,380 गांवों को शहरी तर्ज पर 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। राज्य के पांच जिलों पंचकूला, अंबाला, गुरुग्राम, फरीदाबाद व सिरसा के संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में शहरी तर्ज पर बिजली उपलब्ध है। निगम अपने उपभोक्ताओं को सुचारू एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी

चंडीगढ़, 11 जुलाई- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा प्रदेशभर में आयोजित डीएलएड द्वितीय वर्ष (नियमित) एवं डीएड तृतीय सैमेस्टर (रि-अपीयर) जुलाई-2018 की परीक्षा में आज नकल के कुल 4 मामले दर्ज किये गये हैं।
यह जानकारी देते हुए बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि बोर्ड सचिव श्री धीरेन्द्र खडग़टा के उडऩदस्ते द्वारा जिला झज्जर व रोहतक के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जहां नकल का एक केस पकड़ा।
उन्होंने बताया कि नकल पर अकुंश लगाने के लिए बोर्ड अध्यक्ष के विशेष उडऩदस्तों द्वारा सभी जिलों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें महेन्द्रगढ़ जिले के परीक्षा केंद्रों में नकल का एक केस पकड़ा। उन्होंने बताया कि रैपिड एक्शन फोर्स ने एक केस पकड़ा तथा अन्य उडऩदस्तों द्वारा नकल का एक मामला दर्ज किया गया।
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132.49 किलोमीटर लम्बी चार सडक़ों को चौड़ा करने और सुदृढ़ करने के लिए चालू वित्त वर्ष के दौरान केन्द्रीय सडक़ निधि (सीआरएफ) के तहत 348 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान
चंडीगढ़, 11 जुलाई- केन्द्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हरियाणा में 132.49 किलोमीटर लम्बी चार सडक़ों को चौड़ा करने और सुदृढ़ करने के लिए चालू वित्त वर्ष के दौरान केन्द्रीय सडक़ निधि (सीआरएफ) के तहत 348 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि करनाल-कैथल-खनौरी (राज्य राजमार्ग-08) सडक़ को चार मार्गीय बनाने के लिए 175 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने कहा कि जिला कैथल के ढाण्ड में कैथल-ढाण्ड सडक़, पुराना बाईपास और नया बाईपास को चौड़ा करना, ऊंचा उठाने और मजबूत करने के लिए 34 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। जिला करनाल में कोंड-मुनक-सालवान-असंध सडक़ को चौड़ा करने और चार मार्गीय बनाने के लिए 70 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गए हैं। इसी जिले में नीलोखेड़ी-करसा-ढांड सडक़ को चौड़ा कर सुदृढ़ करने के लिए 69 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गए हैं।
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संघर्षशील धरती कही जाने वाली महेंद्रगढ़ की भूमि 21 जुलाई 2018 को एक और नया अध्याय लिखने की गवाह बनने जा रही
चंडीगढ़, 11 जुलाई- हरियाणा में संघर्षशील धरती कही जाने वाली महेंद्रगढ़ की भूमि 21 जुलाई 2018 को एक और नया अध्याय लिखने की गवाह बनने जा रही है। हरियाणा के किसानों द्वारा फसलों का समर्थन बढ़ाए जाने पर उस दिन एक विशाल रैली का आयोजन करके देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया जाएगा। इस रैली में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के अलावा केंद्र सरकार के कई वरिष्ठï मंत्री भी हिस्सा लेंगे।
हरियाणा के शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री श्री राम बिलास शर्मा ने बताया कि हाल ही केंद्र सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 14 फसलों पर समर्थन मूल्य बढ़ाया है। सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा देश के 12 करोड़ किसानों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही किसानों को लागत के अनुसार आय नहीं हो रही थी लेकिन मोदी सरकार ने इसे समझा और किसानों की आय 2022 दोगुनी करने के लिए कदम उठाए। अब धान की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में 200 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है और बाजरे की कीमत में भी 96 प्रतिशत बढ़ौतरी की गई है।
श्री शर्मा ने बताया कि महेंद्रगढ़ क्षेत्र बाजरा उत्पादन का मुख्य क्षेत्र है और केंद्र सरकार द्वारा बाजरा की फसल का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने से दक्षिणी हरियाणा के किसानों को भारी फायदा होगा। सरकार के इस निर्णय से किसानों में विशेष उत्साह है। उन्होंने बताया कि इसी कारण महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में ‘धन्यवाद रैली’ का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी बड़े नेताओं की रैलियों की गवाह रही है। उन्होंने बताया कि 30 अक्तूबर 1980 को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने महेंद्रगढ़ में जनसमूह को संबोधित किया था। इसी भूमि पर मई 2014 में भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने एक यादगार रैली में शिरकत की थी जिसमें प्रदेश के दूसरे दलों के अनेक बड़े नेताओं ने भाजपा को ज्वाइन किया था। उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल 2016 को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने महेंद्रगढ़ में विशाल जनसमूह को संबोधित किया था और क्षेत्र के लिए कई सौगात दी थी।
श्री शर्मा ने जानकारी दी कि एक बार फिर 21 जुलाई 2018 को महेंद्रगढ़ की धरती किसानों की फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करने के लिए तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह ‘धन्यवाद रैली’ देश एवं प्रदेश के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के 15 जुलाई को फतेहाबाद के निर्धारित दौरे के दृष्टिगत व्यापक सुरक्षा प्रबन्ध किये

चंडीगढ़, 11 जुलाई- हरियाणा पुलिस ने राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के 15 जुलाई को फतेहाबाद के निर्धारित दौरे के दृष्टिगत व्यापक सुरक्षा प्रबन्ध किये हैं।
पुलिस महानिदेशक, श्री बी.एस.संधू ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, श्री एस.एस. प्रसाद के साथ शहर में राष्ट्रपति के दौरे को ध्यान में रखते हुए कानून व्यवस्था व सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करने के लिए फतेहाबाद का दौरा किया।
सुरक्षा प्रबन्धों की समीक्षा करते हुए पुलिस महानिदेशक, श्री बी.एस.संधू ने कहा कि सभी सुरक्षा प्रबन्ध किये गए हैं। पुख्ता सुरक्षा प्रबन्ध के लिए पांच आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। स्थानीय पुलिस के अतिरिक्त केन्द्र और हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी डयूटी पर तैनात रहेंगे।
श्री बी.एस.संधू ने और श्री एस.एस. प्रसाद ने भोडिया खेड़ा स्थित खेल स्टेडियम में बनाए गए हैलीपेड का निरीक्षण किया। इसके उपरान्त उन्होंने सभा स्थल नई अनाज मंडी का भी दौरा किया और भूना रोड स्थित लोक निर्माण विश्राम गृह में कार्यक्रम को लेकर अधिकारियों से विस्तारपूर्वक चर्चा की तथा उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद फतेहाबाद की नई अनाज मंडी में संत शिरोमणि सतगुरू कबीर साहेब के 620वें प्रकट उत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री बी.एस.संधू ने कहा कि पुलिस बल को ओर सुदृढ़ करने के लिए हरियाणा पुलिस विभाग में शीघ्र सात हजार सिपाहियों की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा, 463 उप-निरीक्षकों की भी भर्ती की जाएगी, जिसमें 63 महिला उप-निरीक्षक होंगी। नशा से संबंधित पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि फतेहाबाद, सिरसा आदि जिलों में नशा की रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा कर्तव्य निर्वहन के दौरान निधन होने वाले पुलिस कर्मियों की विधवा या आश्रितों को अब 30 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह अनुदान सहायता दी जाएगी।
इस मौके पर हिसार रेंज के आईजी संजय कुमार, फतेहाबाद के उपायुक्त, डॉ हरदीप सिंह व एसपी दीपक सहारण, प्रतीक्षा गोदारा, हामीद अख्तर सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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जीएसटी लागू होने के बाद हरियाणा का टैक्स बेस बढ़ा

चंडीगढ़, 11 जुलाई- हरियाणा में जीएसटी लागू होने के बाद हरियाणा का टैक्स बेस बढ़ा है। जीएसटी क्लेक्शन में हरियाणा का प्रतिव्यक्ति पूंजी राजस्व संग्रह देश में सबसे ज्यादा है और पिछले 3 महीनों में ही हरियाणा देश में ई-वे बिलों के सृजन में चौथे स्थान पर है। इसके साथ ही हरियाणा सबसे ज्यादा जीएसटी एकत्र करने वाला देश का 5वां राज्य है।
यह जानकरी कैप्टन अभिमन्यु ने आज यहां पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए दी।
उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद हरियाणा में 1.85 लाख नये डीलर्स के पंजीकरण के बाद 82.22 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। जीएसटी की शुरूआत से पहले हरियाणा में वैट, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा कर के तहत करदाता 2.25 लाख थी, वहीं आज डीलरों की संख्या लगभग 4.10 लाख है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में डीलर्स के अनिवार्य पंजीकरण की सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। इसी प्रकार जीएसटी के तहत, हरियाणा में करदाताओं द्वारा रिटर्न दाखिल करने का अनुपालन राष्टï्रीय औसत से लगातार 5 प्रतिशत से 7 प्रतिशत अधिक रहा है, जोकि 98.27 प्रतिशत है और यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह परिणाम व्यापारियों के सहयोग और विभाग के अधिकारियों की कार्यकुशलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का ऐसा पहला देश हैं जहां इतने बड़े स्तर पर एक राष्टï्र-एक कर के भाव से जीएसटी का क्रियान्वयन सर्व सम्मति के साथ आसानी से हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान तीन पूर्ण वित्त वर्ष हुए हैं जिनमें 2015-16, 2016-17 और 2017-18 में वाणिज्यिक करों के तहत अपने राजस्व संग्रह में क्रमश: 10.47 प्रतिशत की वृद्धि दर, 11.90 प्रतिशत और 24.10 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ दो अंकों की बढ़ौतरी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि वैट, सीएसटी, एसजीएसटी, इत्यादि के तहत वर्ष 2015-16 में 21546.98 करोड़ रुपए, वर्ष 2016-17 में 24301.61 करोड़ रुपए तथा वर्ष 2017-18 में 29941.43 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण हुआ है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में 1 अप्रैल 2018 से 30 जून 2018 के बीच लगभग 1.12 करोड़ ई-वे बिल सृजित किये गए हैं, जिससे देश में ई-वे बिलों के सृजन में हरियाणा चौथे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों ने 1.10 लाख ई-वे बिलों की फिजिकल जांच की, जिसमें उन्होंने अनियमितताओं के 3358 मामलों का पता लगाया और अप्रैल और मई, 2018 के दो महीनों में 21.37 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में एक राष्टï्र एक कर-जीएसटी की शुरूआत काफी अच्छी रही है और भौगौलिक दृष्टि से छोटा राज्य होने के बावजूद हरियाणा सबसे ज्यादा जीएसटी एकत्र करने वाला देश का 5वां राज्य है। जीएसटी के तहत हरियाणा का प्रतिव्यक्ति पूंजी राजस्व संग्रह देश में सबसे ज्यादा 1876.97 रुपये है। उत्तराखंड में 1436.21 तथा महाराष्ट्र में 1165.85 रुपये प्रतिव्यक्ति है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 के दौरान एकत्रित औसत राज्य जीएसटी 1505.93 करोड़ रुपये था और वर्ष 2018-19 के पहले तीन महीनों के दौरान यह 1,804.96 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो सालाना 19.85 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी के ढांचे के सफल गठन और कार्यान्वयन में हरियाणा का योगदान उल्लेखनीय रहा है। जीएसटी काउंसिल की सभी 27 बैठकों में हरियाणा ने सक्रिय रूप से भाग लिया और राज्य के हित में कई निर्णय भी जीएसटी काउंसिल से करवाये, जिसमें विशेष रूप से कृषि संचालन पर कर की छूट को कम से कम करने को सुनिश्चित किया गया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य के आग्रह पर ट्रैक्टरों पर कर की दर 28 प्रतिशत से 12 प्रतिशत और ट्रैक्टर के पार्टस पर कर की दर 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक की गई। इसी प्रकार उर्वरकों पर कर की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई। राज्य में सूक्ष्म और लघु उद्यम क्लस्टर की सहायता के लिए, प्लाईवुड पर कर 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक कम किया गया, वैज्ञानिक उपकरणों पर 18 प्रतिशत से 12 प्रतिशत तक और कृषि उपकरणों पर कर की दर 12 प्रतिशत के निचले स्लैब पर रखी गई। कृषि उपकरणों के पार्टस पर कर की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत की गई है।
उन्होंने कहा कि एंटी प्रोफ्रेटीयरिंग के लिए राज्य स्तरीय अग्रिम विनियम प्राधिकरण और स्क्रीनिंग कमेटी की स्थापना की गई। एक अतिरिक्त आयुक्त को अतिरिक्त आयुक्त (अपील) के रूप में अधिसूचित किया गया है। उन्होंने बताया कि एसएमएस अलर्ट, ईमेल और नियमित रूप से रिटर्न फाइल ना करने वालों के विरूद्ध जारी कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं और अन्य कार्रवाई भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत खाद्य पदार्थों पर छूट दी गई है। वैट के तहत खाद्यान्नों पर 5 प्रतिशत कर लगाया गया है। खाद्यान्न से राज्य का कुल संग्रह 1100 करोड़ रुपये था। हरियाणा राज्य एक मैनुफैक्चरिंग स्टेट है। पूर्व जीएसटी शासन में, अंतर-राज्य लेनदेन पर राज्य को सीएसटी के तहत कर अर्जित किया जाता था। जीएसटी के बाद राज्य को लगभग 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि आईजीएसटी निपटान के तहत हरियाणा को 952 करोड़ रुपये प्रतिपूर्ति के रूप में मिले हैं।
उन्होंने बताया कि लगातार चौथे वर्ष के लिए ई-निविदा के माध्यम से शराब ठेकों का आवंटन किया गया है। आवंटन प्रक्रिया बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के ऑनलाइन की जाती है। ई-निविदा प्रणाली शराब की आवंटन में पारदर्शिता लाई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में शुरू की गई समग्र बिक्री (आईएमएफएल और सीएल को उसी खुदरा आउटलेट से बेचने) की अवधारणा ने वर्ष 2016-17 में खुदरा दुकानों की संख्या 3491 को घटाकर वर्ष 2017-18 में 2323 कर दिया है, जो 33.45 प्रतिशत कमी है। वर्ष 2018-19 के दौरान विक्रेताओं की कुल संख्या घटकर 2168 हो गई है, जो वर्ष 2016-17 से 37.89 प्रतिशत कम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में आयातित विदेशी शराब (बोतलबंद) के लिए लाइसेंस देने हेतु नीति संशोधन किया गया। पारदर्शी बोली प्रक्रिया के माध्यम से संशोधन ने राजस्व में 240 प्रतिशत की वृद्धि की है, जो वर्ष 2016-17 में 30 करोड़ रुपये से बढक़र वर्ष 2017-18 में 102 करोड़ हो गया और वर्ष 2018-19 में यह 120 करोड़ रुपये तक बढऩे की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्यीय राजमार्गों पर शराब बिक्री के संबंध में दिए गए आदेशों का सख्ती से अनुपालन किया जा रहा है।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पाद को भविष्य में जीएसटी के दायरे में लाने का एजेंडा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पेट्रोल व डीजल के दाम एक समान स्तर पर रखने के लिए पडोसी राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश व राजस्थान राज्यों के साथ बैठकें की हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के बेस रेट पेट्रोलियम कंपनियां रिफाइनरी से लेकर तेल ढुलाई डिपो व पेट्रोल पंपों तक अपने फॉर्मूले के अनुसार तय करती हैं। यह राज्यों के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री राजीव जैन, आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, आबकारी एवं कराधान आयुक्त श्रीमती आशिमा बराड़, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री समीर पाल सरो के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि उनके अधीन आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में किये गए 6 के 6 वायदे पिछले साढ़े तीन साल के कार्यकाल में पूरे किये
चंडीगढ़, 11 जुलाई- हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि उनके अधीन आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में किये गए 6 के 6 वायदे पिछले साढ़े तीन साल के कार्यकाल में पूरे किये हैं, जिसमें व्यापारियों के लिए व्यापार कल्याण बोर्ड का गठन करना, रासायनिक खाद व जिप्सम पर वैट 5 प्रतिशत घटाकर शून्य करना, छोटे ढाबों को कर मुक्त करना, सी फॉर्म ऑनलाइन करना और समग्र आबकारी योजना लागू करना शामिल है।
कैप्टन अभिमन्यु आज यहां एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार बनी थी तब हरियाणा ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग के मामले में 14वें नबर पर था परंतु सरकार के प्रयासों और उद्यम प्रोत्साहन नीति- 2015 लागू करने के बाद आज हरियाणा ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग में देश में तीसरे स्थान पर है।
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हरियाणा के महालेखाकार (लेखा व हकदारी) कार्यालय ने कर्मचारियों की वर्ष 2017-18 की वार्षिक सामान्य भविष्य निधि विवरणियां कार्यालय की वैबसाइट www.aghry.nic.in पर अपलोड कर दी
चण्डीगढ़,11 जुलाई- हरियाणा के महालेखाकार (लेखा व हकदारी) कार्यालय ने कर्मचारियों की वर्ष 2017-18 की वार्षिक सामान्य भविष्य निधि विवरणियां कार्यालय की वैबसाइट www.aghry.nic.in पर अपलोड कर दी हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अंशदाता कर्मचारी अपनी पिन संख्या का उपयोग करके अपनी वार्षिक सामान्य भविष्य निधि विवरणियां कार्यालय की वैबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिन अंशदाताओं ने अपना पासवर्ड बदल लिया है या भूल गए हैं वे फॉरगेट पासवर्ड विकल्प को क्लिक कर लॉगइन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि डीडीओ भी स्टेट एप्लीकेशन में वेतन आहरण के लिए उपलब्ध करवाए गए लिंक पर अपना डीडीओ कोड व पिन का उपयोग करते हुए स्टेट मॉड्यूल के माध्यम से सामान्य भविष्य निधि विवरणियां डाउनलोड कर सकते हैं।
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‘टॉप अचीवर्स’ राज्यों की सूची में पहुंचा हरियाणा
- तीन पायदान की छलांग लगा कर छठे से पहुंचा तीसरे स्थान पर
- ‘इज ऑफ डुईंग बिजनेस’ में प्रदेश में हुए कई अहम सुधार

चंडीगढ़, 11 जुलाई- हरियाणा में बिजनेस करने के माहौल में दिन-प्रतिदिन काफी सुधार हो रहा है। निवेश करने वाले उद्योगपतियों का रूझान हरियाणा की तरफ पहले की तुलना में कई गुणा बढ़ा है। केंद्र सरकार के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा ‘इज ऑफ डुईंग बिजनेस’ के मामले में जो रैंकिंग जारी की गई है उसमें राज्य ने अपनी रैंकिंग में अभूतपूर्व सुधार करते हुए ‘टॉप अचीवर्स’ राज्यों की सूची में स्थान हासिल किया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार इस बार ‘इज ऑफ डुईंग बिजनेस-2017’ की रैंकिंग का मूल्यांकन करने के फार्मूले में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। रैंकिंग करते वक्त बिजनेस करने के मामले में हुए सुधार व उद्योगपतियों से मिली फीडबैक को आधार बनाकर एक स्कोर-कार्ड बनाया गया जिसमें हरियाणा ने ओवरऑल 98.07 प्रतिशत का स्कोर हासिल किया। रैंकिंग में तीन पायदान का सुधार करके हरियाणा ने छठे स्थान से तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाने में सफलता प्राप्त की है।
हरियाणा में औद्यागिक नीतियों के सरलीकरण से व्यवसाय करने का माहौल निरंतर उत्कृष्टï बन रहा है। आज परिणामस्वरूप हरियाणा ‘इज ऑफ डूईंग बिजिनेस’ के मामले में देश भर में ‘टॉप अचीवर्स’ राज्यों की सूची में पहुंच गया है। मात्र एक साल में छठे स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंचना बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पिछले तीन साल में राज्य सरकार की अनूठी उद्यमी प्रोत्साहन नीति-2015 से बुनियादी ढ़ांचा सुदृढ़ हुआ है और उद्योगों में रोजगार के अधिक अवसर सृजित हुए हैं। हरियाणा में निवेशकों को और अधिक आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने फरवरी- 2017 में हरियाणा उद्योग प्रोत्साहन केन्द्र नामक ‘सिंगल रूफ मैकेनिज्म’ की स्थापना की। एकल खिडक़ी की अवधारणा के साथ औद्योगिक विभाग ने और कई कदम उठाए। सभी औद्योगिक स्वीकृृतियां/लाइसेंस देने के लिए एकल कार्यालय की परिकल्पना करने वाला हरियाणा भारत का एकमात्र राज्य है। एकल कार्यालय के माध्यम से सभी औद्योगिक स्वीकृृतियां समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन दी जा रही हैं, व्यक्तिगत रूप से कार्यालय जाकर आवेदन करने की अब जरूरत नहीं। अगर ऑनलाइन आवेदन के बाद अधिकतम 45 दिन में कोई बिजिनेस क्लीयरनेंस नहीं होती है तो उस आवेदन की स्वत: क्लीयरनेंस मानी जाएगी।
उद्योगपतियों को सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की फीडबैक देने के लिए नया ‘रैपिड एसेसमैंट सिस्टम’ शुरू किया गया जिसकी काफी प्रशंसा हुई। औद्योगिक प्लाटों की बिल्डिंग प्लान में प्रमाण-पत्र लेने के लिए पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थी,परंतु राज्य सरकार ने सरलीकरण करते हुए ‘हरियाणा कॉमन बिल्डिंग कोड-2017’ के अनुसार सभी औद्योगिक प्लाटों को स्वत:-प्रमाणित करने की सुविधा शुरू कर दी जिसका उद्योग-जगत में खासा स्वागत हुआ है। इसी प्रकार 10 श्रम कानूनों का एक साथ निरीक्षण करने के लिए नियम बनाया जिससे उद्योगपतियों को इंस्पैक्टरी से मुक्ति मिली।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने कहा
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा ‘इज ऑफ डूईंग बिजनेस’ के मामले में देश के राज्यों की रैंकिंग में प्रदेश को तीसरा स्थान मिला है जो कि प्रदेश के लिए गौरव की बात है। पिछले साल हम छठे स्थान पर थे। एक साल में हरियाणा सरकार द्वारा उद्योगपतियों के हित में बिजनेस करने के मामले में कई अहम सुधार किए गए।
श्री गोयल ने बताया कि प्रदेश में बिजनेस करने के लिए पहले की तुलना में बहुत अच्छा माहौल बना है और सुधारों की निरंतरता बनाए रखते हुए राज्य को अब ‘इज ऑफ डुईंग बिजनेस’ के मामले में टॉप लेवल पर ले जाना है ताकि प्रदेश में निरंतर निवेश बढ़ता रहे।