राज्यपाल प्रो० कप्तान सिंह सोलंकी, जो दीनबंधू छोटू राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के कुलपति हैं, ने दो साल की अवधि के लिए तुरंत प्रभाव से विश्वविद्यालय के न्यायालय में पांच उम्मीदवार मनोनीत किए

चंडीगढ़, 22 मार्च- हरियाणा के राज्यपाल प्रो० कप्तान सिंह सोलंकी, जो दीनबंधू छोटू राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के कुलपति हैं, ने दो साल की अवधि के लिए तुरंत प्रभाव से विश्वविद्यालय के न्यायालय में पांच उम्मीदवार मनोनीत किए हैं।
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मनोनीत किए गये उम्मीदवारों में हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड, पंचकुला के अध्यक्ष ऋषि प्रकाश शर्मा, प्रो० राजबीर सिंह सोलंकी, वाइस चांसलर, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद, प्रोफेसर एम.पी. पूनिया, उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली, प्रो० पी शशिकला, नई मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल और प्रो० सतीश आर्य, डीन शैक्षणिक मामले (सेवानिवृत्त), चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा शामिल हैं।
===============================================

हरियाणा के राज्यपाल प्रो० कप्तान सिंह सोलंकी, जो चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलपति भी हैं, ने तीन साल की अवधि के लिए तुरंत प्रभाव से विश्वविद्यालय के न्यायालय में 15 उम्मीदवारों को मनोनीत किया

चंडीगढ़, 22 मार्च- हरियाणा के राज्यपाल प्रो० कप्तान सिंह सोलंकी, जो चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलपति भी हैं, ने तीन साल की अवधि के लिए तुरंत प्रभाव से विश्वविद्यालय के न्यायालय में 15 उम्मीदवारों को मनोनीत किया है।
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जिन्हें मनोनीत किया गया है उनमें डॉ ए के मलिक, रजिस्ट्रार, दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, डा० दीप्ति धर्ममानी, प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग, चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा, श्री राकेश सिंह, एनआईएस, कुश्ती कोच, निदेशक शैक्षिक संस्थान, बहादुरगढ़, झज्जर, श्री हरजीवन प्रशाद अग्रवाल, रोहिणी, दिल्ली, प्रो के.के. अग्रवाल, चांसलर, लिंग्या विश्वविद्यालय, फरीदाबाद, डा० रितेश गुप्ता, प्रमुख, बिजनेस विभाग, फुटवियर डिजाइन और विकास संस्थान, रोहतक, प्रो आर.के. बेनिवाल, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली, डॉ बलराम पानी, प्रिंसिपल, भास्करचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेस, दिल्ली विश्वविद्यालय, प्रो० दया सिंह, भागीरथी भवन, भिवानी रोड, जींद और डॉ ए के चावला, डिफेंस कॉलोनी, जींद शामिल हैं।
इसी प्रकार, श्री अमित जिंदल, शिवालिक एनक्लेव, एनएसी मनिमाजरा, चंडीगढ़, डा० आर.बी. जैन, पीजीआईएमएस, रोहतक, प्रो० एस.के. गाखड़, पूर्व उप-चांसलर, चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी, डॉ अवधेश कुमार पांडे, अर्बन एस्टेट, अंबाला शहर और डॉ बी.बी. गोयल, लोक प्रशासन (रिटायर्ड प्रोफेसर), पंजाब विश्वविद्यालय शामिल हैं।
सू
===============================================

हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ लिमिटेड (हैफेड) ने 10 प्रतिशत की छूट प्रदान की

चंडीगढ़, 22 मार्च- हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ लिमिटेड (हैफेड) ने हैफेड के उपभोक्ता उत्पादों की खुदरा बिक्री पर हरियाणा सरकार, केन्द्र सरकार, यू.टी. चंडीगढ़, सशस्त्र / अद्र्ध-सैनिक बलों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, केन्द्र / हरियाणा राज्य द्वारा वित्त पोषित विश्वविद्यालय, पीएसयू, बोर्ड और निगम के कर्मचारियों, हैफेड और सहकारी संघों के सदस्य सहकारी समितियों के कर्मचारियों को 10 प्रतिशत की छूट प्रदान की है।
यह छूट राज्य में हैफेड की खुदरा बिक्री दुकानों के साथ-साथ चंडीगढ़ और दिल्ली में भी उपलब्ध होगी।
फेडरेशन द्वारा यह पहल सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए तथा अपनी बिक्री को बढ़ावा देने और मौजूदा प्रतिस्पर्धी बाजार में अपने ग्राहक आधार को व्यापक बनाने के लिए किया गया है।
यह 10 प्रतिशत की छूट कर्मचारियों को पहचान पत्र दिखाने पर हैफेड के उपभोक्ता उत्पादों जिनमें चावल, खाद्य तेल, आटा, दाल आदि शामिल हैं, पर मिलेगी। बिक्री आउटलेट पर कर्मचारियों/अधिकारियों के लिए एक अलग खाता बनाया जाएगा और बिल पर विभागों के नाम के साथ-साथ कर्मचारियों के आई-कार्ड नंबर का उल्लेख करते हुए एन्टरी की जाएगी। कर्मचारी को उसके नियुक्ति के जिले में भी हैफेड आउटलेट्स पर अपना वैध कार्यालय आई-कार्ड दिखाकर हैफेड उपभोक्ता उत्पादों पर छूट मिलेगी।
===============================================

हरियाणा सरकार सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से ट्रैफिक नियम तोडऩे वालों की पहचान करके उन्हें चालान भेजने का प्रोजैक्ट गुरुग्राम सहित प्रदेश के 10 जिलों में जल्द ही शुरू किया जाएगा। 
चण्डीगढ़, 22 मार्च- हरियाणा सरकार सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से ट्रैफिक नियम तोडऩे वालों की पहचान करके उन्हें चालान भेजने का प्रोजैक्ट गुरुग्राम सहित प्रदेश के 10 जिलों में जल्द ही शुरू किया जाएगा। इन जिलों में गुरुग्राम, अंबाला, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी तथा झज्जर जिले शामिल हैं।
यह जानकारी मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ० राकेश गुप्ता ने आज वीडियो कान्फें्रसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए दी। उन्होंने यमुनानगर में चल रहे इस प्रकार के प्रोजैक्ट की समीक्षा भी की।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजैक्ट के तहत गुरुग्राम जिला में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 29 चौक की पहचान की गई है जिनमें से 8 चौक पर ये कैमरे लगाए भी जा चुके हैं। ये सभी कैमरे ट्रैफिक कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे और इन्हें लगाने के लिए धनराशि डिस्ट्रिक्ट रोड़ सेफटी फण्ड से उपलब्ध होगी। प्रोजैक्ट के तहत अंबाला में 30, करनाल में 30, पानीपत में 15, सोनीपत में 52, रोहतक में 12, हिसार में 30, कुरुक्षेत्र में 25 तथा रेवाड़ी में 13 चौक की पहचान की गई है। इन 10 जिलों में यह प्रोजैक्ट अपै्रल माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस वीडियो कान्फे्रंसिंग के दौरान सडक़ दुर्घनाओं में कमी लाने और सडक़ों को सुरक्षित बनाने के लिए लागु किए जा रहे हरियाणा वीजन जीरो की समीक्षा करते हुए डा. राकेश गुप्ता ने गुरुग्राम पुलिस को ओवर स्पीडिंग वाहनों के चालान शुरू करने के आदेश दिए।
दिल्ली-जयपुर हाईवे तथा गुरुग्राम-अलवर हाईवे गुरुग्राम से होकर गुजरते हैं और इन पर वाहनों के निर्धारित गति सीमा से तेज गति से चलने के कारण सडक़ दुर्घटनाएं होती हैं। वाहनों की गति को चैक करने से इन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। आज की वीडियो कान्फें्रसिंग में डॉ० राकेश गुप्ता ने गुरुग्राम पुलिस को आदेश दिए कि वे ओवर स्पीडिंग पर सख्ती से रोक लगाएं। उन्होंने कहा कि ओवर स्पीडिंग वाले वाहनों के चालान किए जाएं। इसके साथ डॉ० गुप्ता ने सभी उपायुक्तों को राष्ट्रीय राजमार्ग तथा राजकीय राजमार्ग के राईट ऑफ वे में लगे विज्ञापनों को भी हटवाने के निर्देश दिए हैं।
सीसीटीवी चालान प्रोजैक्ट के अंतर्गत टै्रफिक सिग्नल, स्ट्रीट लाईट, सडक़ों में गड्ढे तथा रोड़ साईनेज पर ध्यान दिया जाएगा और एक टै्रफिक कंट्रोल रूप की स्थापना की जाएगी जिसमें एलईडी स्क्रीन तथा डैस्कटॉप लगे होंगे। मुख्य चौराहों पर हाई डैफिनेशन एनपीआर/पीपीजैड कैमरे लगाए जाएंगे तथा सीसीटीवी चालान जारी करने के लिए एनआईसी द्वारा ई-चालान वैबसाइट बनाई जाएगी। हरियाणा वीजन जीरो प्रोजैक्ट के तहत गुरुग्राम में रोड़ सेफटी एसोसिएट (आरएसए) के तौर पर गुरप्रित काम कर रहे हैं, जो हर महीने होने वाली सडक़ सुरक्षा बैठक में सडक़ों को सुरक्षित करने के लिए अपने सुझाव देते हैं। इन सुझावों के तहत रोड इंजीनियरिंग ठीक करने संबंधी सुझाव भी दिए जाते हैं। पिछली बैठक में नगर निगम क्षेत्र में 7 चौराहों में सुधार के सुझाव दिए गए थे जिनमें से दो पर अमल हो चुका है।
डॉ० गुप्ता ने नगर निगम के अधिकारियों को आदेश दिए कि वे आरएसए के सुझावों को जल्द से जल्द लागु करने का प्रयास करें ताकि सडक़ों पर दुर्घटनाओं में होने वाली असामायिक मृत्युओं को कम किया जा सके। हरियाणा वीजन जीरो के तहत सडक़ों के साथ-साथ पद यात्रियों के लिए भी सुविधाएं जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
===============================================

हरियाणा सरकार ने राज्य में अधिशेष बायोमास से ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा जैव-ऊर्जा नीति 2018 अधिसूचित की है।

चंडीगढ़, 22 मार्च- हरियाणा सरकार ने राज्य में अधिशेष बायोमास से ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा जैव-ऊर्जा नीति 2018 अधिसूचित की है। वर्ष 2022 तक कम से कम 150 मेगावाट बायोमास आधारित बिजली उत्पन्न करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में 8416 हजार टन अतिरिक्त बायोमास की उपलब्धता है, जिसमें बिजली, बायोगैस, जैव-सीएनजी, जैव खाद और जैव-ईंधन उत्पन्न करने के लिए फसलों के अवशेषों के इस्तेमाल की अपार क्षमता है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, राज्य में लगभग 1000 मेगावॉट बिजली या 11.5 लाख टन जैव-सीएनजी उत्पन्न करने की क्षमता है।
उन्होंने बताया कि खेतों में फसल अवशेषों को जलाने के कारण उत्पन्न हो रही पर्यावरणीय प्रदुषण की समस्या से निपटने के लिए इन परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता और बढ़ गई है। बिजली उत्पादन, जिसमें सहउत्पादन, जैव-सीएनजी, बायो-चार एवं जैव ईंधन और जैव-एथेनॉल शामिल हैं, के लिए बायोमास के उपयोग को बढ़ावा देने से न केवल परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि इससे पर्यावरण एवं मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए आय और रोजगार के वैकल्पिक स्रोत भी उत्पन्न होंगे।
प्रवक्ता ने बताया कि यह जैव-ऊर्जा नीति तैयार करने का उद्देश्य बायोमास परियोजनाओं में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाना, बायोमास आधारित बिजली, बायोगैस, जैव-सीएनजी, जैव-खाद और जैव ईंधन का दोहन करना है, क्योंकि इसमें तकनीकी-आर्थिक रूप से व्यवहार्य प्रौद्योगिकियों के माध्यम से स्थायी पर्यावरणीय लाभ के साथ ऊर्जा उत्पन्न करने की अपार क्षमता है। उन्होंने बताया कि यह नीति नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा अनुमोदित प्रौद्योगिकियों के आधार पर बायोमास को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करेगी और उन्नत एनारोबिक पाचन और जैव-ईंधन, जैव इथेनॉल और अन्य नवीन प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके रैंकिन साइकिल, जैव-सीएनजी और बायोगैस-सह-जैविक खाद परियोजनाओं से बिजली उत्पादन के लिए बायोमास आधारित परियोजनाओं के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करने और पर्यावरण संरॠॠक्षण के लिए बायोमास आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में स्थापित ऐसी परियोजनाओं के लिए पात्र परियोजना डेवलपर्स को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा, राज्य में बायोमास आधारित परियोजनाओं की स्थापना के लिए कृषि भूमि का इस्तेमाल करने की अनुमति भी दी जाएगी। राज्य सरकार कम से कम 35 वर्षों के लिए बायोमास परियोजनाओं की स्थापना करने के लिए मौजूदा सरकारी नीति के अनुसार पंचायत के माध्यम से उचित दर पर पंचायत भूमि को पट्टे पर देने की सुविधा प्रदान करेगी।
प्रवक्ता ने कहा कि इन परियोजनाओं को सुगम बनाने और इस नीति को लागू करने के लिए हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (हरेडा) नोडल एजेंसी होगी। हरेडा सभी स्वीकृतियों या विभिन्न विभागों, जहां तक आवश्यक हो, से स्वीकृति का प्रबंध करने के लिए एकल खिडक़ी के रूप में कार्य करेगी। राज्य के सभी बायोमास परियोजना डेवलपर्स को राज्य के भीतर या बाहर बिजली की बिक्री के लिए मान्यता और सत्यापन के लिए हरेडा को अपने परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करने होंगे।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं को नगर एवं ग्राम आयोजना और शहरी स्थानीय निकाय विभागों से भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। परियोजना को बाह्यï विकास प्रभार (ईडीसी), जांच शुल्क और बुनियादी ढांचा विकास शुल्क से भी छूट दी जाएगी, लेकिन अगर बायोमास परियोजना के लिए विशेष सेवा की आवश्यकता हो तो ईडीसी शुल्क प्रो-राटा आधार पर लगाए जाएंगे। हालांकि, बिजली खरीद समझौते की अवधि की समाप्ति के बाद या जब भूमि पर संयंत्र कार्य करना बंद कर देगा, तो भूमि उपयोग क्षेत्र, शहर या कस्बे के मूल मास्टर प्लान में वापस आ जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 में परिभाषित बी, सी और डी श्रेणी के खंडों में ये परियोजनाएं स्थापित करने पर आवश्यक भूमि के लिए किराया, पट्टे या बिक्री डीड के पंजीकरण के लिए शुल्क, स्टैम्प ड्यूटी शुल्क के भुगतान से 100 प्रतिशत छूट होगी।
प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में कहीं भी ऐसी परियोजना के लिए स्थापना समिति (सीटीई) और संचालन सहमति (सीटीओ) जारी करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि, इन परियोजनाओं की स्थापना सरकार के प्रचलित प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुसार की जाएगी। यद्यपि इस नीति के तहत केवल एयर कूल्ड कंडेनसेर्स वाली बिजली परियोजनाओं को अनुमति दी जाएगी, इसलिए सिंचाई विभाग या कृषि विभाग परियोजना डेवलपर द्वारा आवेदन की तिथि से एक महीने के भीतर प्राथमिकता के आधार पर इस तरह की परियोजनाओं, कंडेनसर को छोडक़र, के लिए नहर या भूजल का उपयोग करने की अनुमति औद्योगिक इकाइयों पर लागू 50 प्रतिशत शुल्क पर देगा।
प्रवक्ता ने कहा कि बिजली उत्पादक अपनी परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए राज्य ग्रिड संहिता के अनुसार, सभी आवश्यकताओं को पूरा करेगा। ग्रिड के साथ कनेक्टिविटी के लिए, परियोजना डेवलपर्स पावर प्लांट को ट्रांसमिशन या डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसधारी के नजदीकी सब-स्टेशन के साथ जोड़ देंगे और सब-स्टेशन के उचित वोल्टेज पर बिजली छोड़ेंगे। सीमित उपयोग या बिजली निगमों को बिक्री के लिए या तृतीय पक्ष की बिक्री के लिए स्थापित बायोमास बिजली परियोजनाओं के लिए, विद्युत निकास के लिए सभी प्रबंध परियोजना डेवलपर द्वारा हरियाणा बिजली नियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा जारी तकनीकी विनिर्देशों, दिशानिर्देशों और विनियमन के अनुसार किए जाएंगेे।
उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत स्थापित 10 मेगावाट की क्षमता तक की बायोमास परियोजनाओं को ‘मस्ट रन’ बिजली संयंत्र माना जाएगा और उनके लिए मेरिट ऑर्डर डिस्पैच (एमओडी) के सिद्धांतों का पालन करना आवश्यक नहीं होगा और बंद करने के लिए नहीं कहा जाएगा क्योंकि यह ईंधन लिंकेज के लिए उनकी व्यवहार्यता और नियोजन को बुरी तरह प्रभावित करेगा। 10 मेगावाट और इससे अधिक उत्पादन क्षमता की बायोमास बिजली परियोजनाओं के मामले में, समयबद्धन एवं प्रेषण कोड एचईआरसी विनियमों के अनुसार होगा। परियोजनाओं की स्थापना और परीक्षण परिचालन के लिए पूंजीगत सामान, संरचना और कच्चे माल सहित सभी आपूर्ति के संबंध में प्रवेश शुल्क से सौ प्रतिशत छूट दी जाएगी।
पात्रता मानदंडों और वित्तीय पात्रता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अक्षय खरीद के दायित्व (आरपीओ) और निविदा क्षमता तक बिजली उत्पादन क्षमता या ग्रिड को बिजली की आपूर्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। परियोजना डेवलपर व्यक्ति, कंपनी, फर्म या कंपनियों के समूह या संयुक्त उद्यम या अधिकतम चार भागीदारों का कंसोर्टियम हो सकता है, जिसमें मुख्य भागीदार की न्यूनतम की कम से कम 26 प्रतिशत हिस्सेदारी हो।
===============================================

हरियाणा सरकार ने तुरन्त प्रभाव से दो वर्ष की अवधि के लिए चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जीन्द के शैक्षणिक योजना बोर्ड के सदस्य मनोनीत किए 
चण्डीगढ़, 22 मार्च- हरियाणा सरकार ने तुरन्त प्रभाव से दो वर्ष की अवधि के लिए चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जीन्द के शैक्षणिक योजना बोर्ड के सदस्य मनोनीत किए हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मनोनीत किए गए सदस्यों में दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रोफेसर राम सिंह, भारती विद्यापीठ डीम्ड यूनिवर्सिटी, पश्चिम विहार, नई दिल्ली से प्रोफेसर आर.के. शर्मा, इन्दिरा गांधी राष्टï्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, मैदान गढ़ी, नई दिल्ली के परीक्षा एवं मूल्यांकन रजिस्ट्रार डॉ. एन.पी. सिंह, गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के परीक्षा एवं नियोजन निदेशक श्री प्रताप मलिक, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जीन्द के पूर्व कुलपति मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) रणजीत सिंह, सेक्टर-22, द्वारका, नई दिल्ली से कर्नल एम.एस. दहिया और जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से प्रोफेसर रामबक्श शामिल हंै।
===============================================

राजपत्रित अवकाश घोषित किया
चंडीगढ़, 22 मार्च- हरियाणा सरकार ने वार्ड नंबर 10, ग्राम पंचायत गरनाला, अंबाला खंड-2 और सरपंच, ग्राम पंचायत लाहा खंड नारायणगढ़, जिला अंबाला और सदस्य, वार्ड नंबर-1 जिला परिषद् गुरुग्राम के लिए 8 अप्रैल, 2018 को होने वाले मतदान के मद्देनजर इन क्षेत्रों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी कारखानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठïानों, औद्योगिक उपक्रमों, दुकानों और टे्रड्स के कर्मचारियों के लिए इस दिन राजपत्रित अवकाश घोषित किया है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी दी।
===============================================
हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग 

चंडीगढ़, 22 मार्च- हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल कल्याण कमेटी के अध्यक्ष के तीन पदों एवं सदस्यों के पांच पदों और किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यों के चार पदों को भरने के लिए पात्र उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उम्मीदवार 27 अप्रैल, 2018 को या इससे पूर्व सायं 5.00 बजे तक प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ अपने आवेदन जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, नारनौल के कार्यालय जमा करा सकते हैं।
विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि जिला बाल कल्याण कमेटी, कैथल, पलवल एवं अंबाला के अध्यक्ष और जिला बाल कल्याण कमेटी अंबाला (एक पद, केवल महिला के लिए), जींद (दो पद, जिनमें से एक पद महिला के लिए) एवं नारनौल (दो पद, जिनमें से एक पद महिला के लिए) तथा किशोर न्याय बोर्ड अंबाला (एक पद, केवल महिला के लिए), रोहतक (एक पद, केवल महिला के लिए) और नारनौल (दो पद, जिनमें से एक पद महिला के लिए) के सदस्य के पद रिक्त हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के अनुसार उम्मीदवार को शिक्षा, स्वास्थ्य या कल्याण गतिविधियों के क्षेत्र में बच्चों के साथ कार्य करने का कम से कम सात वर्ष का अनुभव होना चाहिए या उनके पास बाल मनोविज्ञान या मनोचिकित्सा या समाजशास्त्र या कानून में डिग्री हो तथा इस क्षेत्र में कार्य कर रहा हो। इसी प्रकार बाल कल्याण कमेटी के अध्यक्ष एवं सदस्य के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के अनुसार उम्मीदवार को शिक्षा, स्वास्थ्य या कल्याण गतिविधियों के क्षेत्र में बच्चों के साथ कार्य करने का सात वर्ष का अनुभव होना चाहिए या उनके पास बाल मनोविज्ञान या मनोचिकित्सा या समाजिक कार्य या समाजशास्त्र या मानव विकास या कानून में डिग्री हो तथा इस क्षेत्र में कार्य कर रहा हो अथवा सेवानिवृत न्यायिक अधिकारी हो।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में विज्ञापन जारी होने की तिथि के दिन उम्मीदवार की आयु 35 वर्ष हो और वह हरियाणा निवासी हो। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रपत्र विभाग की वैबसाइट www.wcdhry.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है।
===============================================

र्तमान गन्ना पिराई मौसम के दौरान हरियाणा की सहकारी चीनी मिलों ने अब तक 309.82 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 30.67 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है।

चंडीगढ़, 22 मार्च- वर्तमान गन्ना पिराई मौसम के दौरान हरियाणा की सहकारी चीनी मिलों ने अब तक 309.82 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 30.67 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है।
हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल प्रसंघ के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि शाहबाद सहकारी चीनी मिल ने सर्वाधिक 55.52 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 5.73 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है, जबकि रोहतक सहकारी चीनी मिल ने 46.71 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 4.54 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। सहकारी चीनी मिल, कैथल ने 31.69 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 3.13 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है, सहकारी चीनी मिल, महम ने 31.10 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 3.06 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है तथा सहकारी चीनी मिल, गोहाना ने 30.01 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.87 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है।
इसी प्रकार, सहकारी चीनी मिल, करनाल ने 27.91 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.81 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। सहकारी चीनी मिल, जींद ने 22.16 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.14 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। सहकारी चीनी मिल, सोनीपत ने 22.13 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.21 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। सहकारी चीनी मिल, पानीपत ने 21.43 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.13 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। सहकारी चीनी मिल, पलवल ने 21.16 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके दो लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है।
उन्होंने बताया कि हैफेड चीनी मिल, असंध ने 29 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.83 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में अब तक की औसत शुगर रिकवरी 10.07 प्रतिशत रही है।