Solan,13.09.17-सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम द्वारा वर्ष 2017-18 में स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 500 महिलाओं को 4 करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डॉ. शांडिल गत सांय यहां प्रदेश महिला विकास निगम निदेशक मण्डल की 43वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। 
डॉ. शांडिल ने कहा कि निगम द्वारा पात्र वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से पात्र वर्ग की महिलाओं को ऋण एवं अनुदान उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं को लक्षित वर्गों तक पहुंचाना सुनिश्चित बनाएं ताकि पात्र वर्ग की महिलाओं की आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सके। 
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में निगम ने स्वरोजगार योजना के तहत 403 महिलाओं को 4 करोड़ 63 लाख रुपये के ऋण उपलब्ध करवाए थे। इस वर्ष भी निगम 500 महिलाओं को ऋण उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2016-17 में निगम ने 23.27 लाख रुपये की राशि पात्र महिलाओं को ब्याज उपदान के रुप में उपलब्ध करवाई। इस वर्ष 31 अगस्त तक ब्याज उपदान के रूप में महिलाओं को 6.58 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है। 
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश महिला विकास निगम के पूंजी भागधन को प्रदेश सरकार ने 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया है। निदेशक मण्डल के सदस्यों ने मांग की कि स्वरोजगार योजना के अंतर्गत वार्षिक आय को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाना चाहिए। 
बैठक में निगम के वर्ष 2017-18 के अनुमानित प्रशासनिक व्यय का तथा गत बैठक की कार्यवाही का अनुमोदन किया गया। 
हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक हर्षवर्धन कथूरिया, महा प्रबन्धक भूमिनन्द राठौर, सदस्य मनभरी देवी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त सचिव रमेश कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक दलीप, जिला कल्याण अधिकारी सोलन बीएस ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अर्जुन नेगी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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