चण्डीगढ़ 30 सितंबर - हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने भारतीय सांकेतिक भाषा को जन-जन की भाषा बनाने तथा इस भाषा को सीखकर बधिरजन को समाज एवं राष्ट्र की मुख्यधारा से जोडऩे का आह्वान किया है। वे आज महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के टैगोर सभागार में आयोजित सांकेतिक भाषा जागरूकता माह कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि मूक-बधीर निशक्तजन के कल्याण के लिए सरकार तथा समाज को सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय सांकेतिक भाषा को प्रोत्साहन देने तथा दिव्यांगजन के कल्याण के लिए कल्याणकारी नीतियां बनाई हैं। हरियाणा सरकार भी वाणी एवं श्रवण निशक्तजन तथा दिव्यांगजन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय तथा हरियाणा वेलफेयर सोसायटी फॉर पर्सन्स विद स्पीच एण्ड हियरिंग इंपेयरमेंट को भारतीय सांकेतिक भाषा तथा मूक-बधिर कल्याण के सार्थक प्रयासों के लिए बधाई दी। मूक-बधिरजन के संचार-संप्रेषण से निपटने के लिए डिजीटल संसाधनों के उपयोग की पुरजोर वकालत राज्यपाल ने की। राज्यपाल ने मूक-बधिर कल्याण के लिए कार्यरत व्यक्तिओं तथा प्रतिभाशाली मूक-बधिर शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया।
हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ओम प्रकाश यादव ने कहा कि समाज में मूक-बधिर जन के प्रति संवेदी माहौल बनाना होगा तथा समावेशी समाज बनाना होगा। उनहोंने कहा कि भारत के मूक-बधिर बच्चों ने वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमाई है। इन बच्चों को शिक्षा के अवसर मुहैया करवाने चाहिए तथा प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
हरियाणा वेलफेयर सोसायटी फॉर पर्सन्स विद स्पीच एण्ड हियरिंग इंपेयरमेंट की चेयरपर्सन डा. शरणजीत कौर ने अपने भाव प्रवण भाषण में कहा कि मूक-बधिर निशक्तजन को सम्मान चाहिए, दान नहीं। डा. शरणजीत कौर ने कहा कि भारतीय सांकेतिक भाषा को पूरे भारत में प्रचारित-प्रसारित करने की जरूरत है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि एमडीयू ने एक नूतन पहल के तहत सेंटर ऑफ डिसएबिलिटी स्टडीज की स्थापना की है। वर्तमान सत्र से भारतीय सांकेतिक भाषा से संबंधित दो डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं।
नेशनल एसोसिएशन आफ डेफ के अध्यक्ष ए.एस. नारायणन तथा सीएसआईआर-इमटैक, चंडीगढ़ से प्रमुख वैज्ञानिक डा. अल्का राव ने कार्यक्रम में संबोधन किया।
हरियाणा वाणी एवं श्रवण निशक्तजन कल्याण समिति के विभिन्न केन्द्रों के बधिर बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। मूक-बधिर बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। मूक-बधिर बच्चों के अभिभावकों ने इस अवसर पर सांकेतिक भाषा शिक्षण-प्रशिक्षण संबंधित अनुभवों को सांझा किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने भारतीय सांकेतिक भाषा संबंधित कक्षा छठी से आठवीं तक की पुस्तकों को विमोचन किया। कार्यक्रम में मंच संचालन मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर एवं अध्यक्षा प्रो. सोनिया मलिक तथा आईएचटीएम के प्रोफेसर तथा निदेशक, सेंटर फॉर लैंगवेज स्किल्ज एण्ड साफ्ट स्किल्ज प्रो. आशीष दहिया ने किया। संचालन सहयोग हरियाणा वेल्फेयर सोसायटी की अधिकारी पल्लवी ने किया।