प्रसिद्ध रचनाकार रेणु हुसैन के कथा संग्रह 'गुण्टी ' का विमोचन आज दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में वरिष्ठ लेखिका नासिरा शर्मा की अध्यक्षता में किया गया जिसमें वरिष्ठ कथाकार मैत्रेयी पुष्पा मुख्यातिथि रहीं तो वरिष्ठ रचनाकार अनिल शर्मा जोशी व लक्ष्मीशंकर वाजपेयी विशिष्ट अतिथि रहे । ममता किरण ने कुशल मंच संचालन किया ।
मैत्रेयी पुष्पा का कहना था कि रेणु हुसैन की कहानियों में भाषा का उलझाव नहीं । उन्होंने रेणु हुसैन को चेताया कि साहित्य में लेखन के साथ आलोचना भी होती है । साहित्यकार आसानी से किसी को साहित्यिक क्षेत्र में घुसने नहीं देते । आयोजन की सराहना करते कहा कि हम ऐसे आयोजन को तरसते ही रहे ।
नासिरा शर्मा ने कहा कि अपने आसपास की कहानियां लिखी हैं रेणु हुसैन ने । जो चीज़ें जैसी थीं , वैसी ही लिख दीं । बचपन के सपने कुछ अधूरे , कुछ पूरे । बहुत मासूमियत है इनके लेखन में । लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ने कहा कि बरगद बाबा व गुण्टी जैसी कहानियां लिखना सचमुच सराहनीय है । अनिल जोशी व लालित्य ललित ने भी रेणु हुसैन की कहानियों व उनके विषयों की सराहना की । सुमन केशरी ने 'गुण्टी' कहानी के एक अंश का प्रभावशाली पाठ प्रस्तुत किया । कमलेश भारतीय ने कहा कि रेणु हुसैन की कहानियों में बौद्धिकता नहीं बल्कि किस्सागोई है जो इनकी कहानियों को पठनीय बनाती है ।
रेणु हुसैन ने सबका आभार व्यक्त करते कहा कि स्त्री का जीवन आलोचना से भरा होता है , वह लिखे चाहे न लिखे । जो सोचकर लिखा जाये वह समझ में नहीं आयेगा । दिल से निकली बात ही दिलों तक पहुंचती है ।
विमोचन समारोह का आयोजन मृदुला सतीश टंडन की संस्था 'जश्न ए हिंद ' की ओर से किया गया । समारोह में फातिमा हुसैन , सुरेंद्र पानीपत ,संदीप अवस्थी , इंडियानेटबुक्स के संजीव कुमार , पाखी पत्रिका से पंकज शर्मा , पूर्ण चंद सरीन ,नरेश शांडिल्य , हंस प्रकाशन के हरेंद्र तिवारी , अंजू खरबंदा , पत्रकार दीप्ति एंग्रीश, रश्मि , राकेश मलिक , नीलम भारती , सोनिया मलिक , कंचन वर्मा , राजेश , राकेश शारदा , प्रेम बिहारी मिश्र , रवि राय , आलोक यात्री , रणविजय राव , संगीता गुप्ता , राधिका अग्रवाल , माला कपूर , नेहा , इंदु निगम , शकील अहमद , सागर , वफा हबीब आदि मौजूद रहे । विमोचन समारोह में गाजियाबाद, फरीदाबाद , हिसार व गुरुग्राम आदि शहरों से रचनाकार शामिल हुए ।