चंडीगढ़, 10 अगस्त: इनेलो के प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने बुधवार को मानसून सत्र के तीसरे दिन विधान सभा में प्रदेश में नशे के बढ़ते कारोबार पर दिए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि भाजपा गठबंधन सरकार ने प्रदेश में नशे की रोकथाम करने की बजाय बढ़ावा देने का काम किया है। प्रदेश के 11 जिले जिसमें सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, रोहतक, अम्बाला, करनाल, कुरूक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, पंचकूला और नूंह नशे के गढ़ बन चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि युवाओं के साथ साथ महिलाएं भी बड़ी तादाद में नशे की चपेट में आ चुकी हैं और यह तादाद दिन प्रतिदिन तेजी से बढ़ रही हैं। नशे की आदी महिलाओं में अधिकांश छात्राएं हैं जो छात्रावासों और पीजी में रहती हैं। नशा करने वालों की ओपीडी साल दर साल बढ़ रही हैं। वर्ष 2021 में लगभग 95863 लोगों ने ओपीडी का दौरा किया जिसमें 28283 महिलाएं थी उनमें से 2765 लोगों को भर्ती किया गया।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उन्होंने 2019 में मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर विस्तार से विवरण दिया था कि नशे के कारोबार में कौन लोग शामिल हैं और उनको किसका संरक्षण है लेकिन आज तक उन्हें उसका जवाब नहीं मिला है। एनसीआरबी के आंकडों के अनुसार नशे की ओवरडोज की वजह से 2014 से लेकर अब तक 329 मौतें हुई हैं। पिछले डेढ़ साल में अकेले सिरसा जिला में ओवरडोज से 33 मौतें हो चुकी हैं जिनकी उम्र 18 से 30 साल की है। सरकार द्वारा नशे की रोकथाम के लिए बनाई गई एनसीबी का चार्ज स्वतंत्र रूप से आईपीएस अधिकारी को दिया जाना चाहिए जबकि एडीजीपी के पास दो चार्ज हैं साथ ही एनसीबी के लिए जितने पद स्वीकृत हैं उनमें से 178 पद खाली हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की नाक तले यमुनानगर जिला में एक फैक्ट्री में पिछले दो सालों से एफेड्रिन नामक ड्रग्स अवैध रूप से बनाई जा रही थी जिसका इस्तेमाल दिल्ली और मुंबई की रेव पार्टियों में किया जाता था। अगस्त महीने में रोहतक में नकली शराब बनाने के अवैध धंधे का खुलासा हुआ जिसमें ब्रांडेड बोतलों में नकली शराब भर कर बेचा जा रहा था।
इनेलो नेता ने सरकार को नशे के खिलाफ सख्त कानून बनाने का सुझाव देते हुए कहा कि चिट्टा पीने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय चिट्टा बेचने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।