बैजनाथ, 7 अगस्त। पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि राज्य में 2 अक्टूबर तक अटल आदर्श ग्राम अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें राज्य के 5 हजार से अधिक आदर्श गांव बनाए जाएंगे इस पर लगभग 275 करोड रुपए खर्च होंगे। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत अभियान से बल मिलेगा और मुख्यमंत्री का स्वच्छ हिमाचल, स्वस्थ हिमाचल का सपना साकार होगा। रविवार को ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य एवं पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बैजनाथ में पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान के परिसर में 36 लाख की लागत से निर्मित ठोस व तरल कचरा प्रबंधन संयत्र का उद्घाटन करने के उपरांत कहा इस ठोस तरल कचरा प्रबंधन को लेकर इस संयंत्र के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के पंचायत पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को प्रैक्टिकल प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

इसके उपरांत पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायत समिति बैजनाथ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों तथा विकास खंड बैजनाथ की समस्त ग्राम पंचायतों के प्रधानों, उप-प्रधानों के लिए आयोजित एक दिवसीय अभिविन्यास कार्यशाला बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सार्वभौमिक स्वच्छता प्राप्त करने के लिए किए जा रहे प्रयासों में तेजी लाने के लिए और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने हेतु भारत के प्रधान मंत्री ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का आरंभ किया था। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक स्वच्छता बनाने में सहयोग करें और अपने घरों में ही कूड़ा एकत्रित कर नगर पंचायत द्वारा कूड़ा एकत्रित करने वाली गाडियों में ही कूड़ा डालें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए डोर टू डोर स्तर पर ही तरल तथा ठोस कूड़ा कचरा अलग-अलग से एकत्रित करना जरूरी है ताकि संयंत्र में तरल तथा ठोस कचरा का सही तरीके से उपयोग हो सके।
इस अवसर पर विधायक मुल्ख राज प्रेमी, मंडल अध्यक्ष भिखम् कपूर, उप निदेशक स्वच्छ भारत मिशन कीर्ति चंदेल, एसडीएम जयसिंहपुर अपराजिता चंदेल, पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार, राज्य समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन संजीव राणा, उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग अशोक शर्मा, सिंह, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग डॉ रवि प्रकाश, जिला पंचायत अधिकारी शशि बाला, युद्धवीर राणा, पंचायत समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, पंचायती राज संस्थाओं के प्रधान उप प्रधान, पीआरटीआई के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।