ऊना, 27 जून: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कृषि, मत्स्य, कृषि व पशु पालन विभाग मंत्री वीरेंद्र कंवर ने थाना कलां में आज कैच द रेन अभियान के तहत चार दिवसीय जागरूकता शिविर का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा जल संग्रहित करने के लिए वर्षा जल संचयन रचनाओं का निर्माण करना तथा अभियान के सफल कार्यान्वन के लिए सूचना प्रसार व शिक्षा संचार जैसी गतिविधियों के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को जागरूक करना है। इस मौके पर वीरेंद्र कंवर ने लोगों को पानी को बचाने के लिए कैच द रेन की शपथ भी दिलाई।
वीरेंद्र कंवर ने बताया बंगाणा ब्लॉक की थानाकलां, दोबड़, डीहर व खरियालता पंचायतों को वाटर शैड परियोजना में चयनित किया गया है, जिसमें 2 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा और पानी के संरक्षण, तालाब व कुओं के संवर्धन जैसे कार्यों पर 5.63 करोड रूपये की राशि खर्च की जाएगी। इसके अलावा कृषि, उद्यान व पौधा रोपण जैसी गतिविधियां भी इस प्रोजैक्ट के तहत की जाएंगी।
वीरेंद्र कंवर ने थाना कलां के ग्राम संगठन पहचान के नाम से कार्य कर रहे एक स्वयं सहायता समूह जिसमें 10 एसएचजी को जोड़ा गया है, को वाटर शैड के अंतर्गत खरीदे गए कृषि पॉवर टिलर, सेवियां बनाने की मशीन व ग्राइंडर उपलब्ध करवाया। उन्होंने कहा कि इससे समूहों को आधुनिक खेती करने तथा महिलाओं को अपने ग्रुपों में काम करने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि वाटर शैड परियोजना के फेज़ एक में कुटलैहड़ की दस पंचायतें अंब से सोहारी तक तथा डोहगी व बोहरू को चयनित किया गया था, जिस पर एकीकृत जलागम प्रबंधन के तहत 14 करोड़ रूपये की राशि व्यय की गई थी। इसके अलावा आईडब्ल्यूएमपी के फेज़ तीन के तहत कुटलैहड़ की तीन पंचायतों पर 18 करोड़ रूपये खर्च किए गए थे। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य रखा है, ताकि जल को आने वाले समय के लिए बचाकर रखा जा सके। उन्होंने पंचायतों व स्वयं सहायता समूहों का आहवान किया कि वह अभियान को सफल बनाने के लिए अपना सहयोग करें तथा अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर थाना कलां की प्रधान सरोज देवी, दोबड़ की प्रधान बबीता परमार, डीहर प्रधान कृष्णा देवी, खरियालता के प्रधान राकेश कुमार, प्रधान बसाल नरेश कुमार, हिमफैड के निदेशक चरणजीत शर्मा, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग एसके बंसल सहित स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित रहे।
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