धर्मशाला, 21 जून। योग के माध्यम से ही स्वस्थ भारत की परिकल्पना को साकार किया जाएगा, केंद्र सरकार ने योगाभ्यास का संदेश जन जन तक पहुंचाने के लिए कारगर कदम उठाए हैं। योग के महत्व को बताने के लिए और लोगों में इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस यानी इंटरनेशनल योग दिवस मनाया जाता है।
यह उद्गार केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कांगड़ा किला में आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 8वें संस्करण की थीम . “मानवता के लिए योग” निर्धारित किया गया है इस थीम पर ही दुनियाभर में योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को योग गुरु कहा जाता है. इसलिए आयुष मंत्रालय ने 21 जून को दुनियाभर में आयोजित होने वाले योग दिवस की ये खास थीम चुनी है। उन्होंने कहा कि योग न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि मानसिक सेहत के लिए भी अच्छा होता है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी योग को प्रमुखता से शामिल किया गया है ताकि युवा पीढ़ी योग से जुड़कर बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौर में भी योगाभ्यास ने लोगों को संजीवनी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि भारत ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योग को बढ़ावा देने की पहल की है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर ही अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल हुई है इससे देश ही नहीं अपितु पुरी दुनिया को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी, वन मंत्री राकेश पठानिया, राज्य सभा सांसद इंदू गोस्वामी, सांसद किशन कपूर, जिला परिषद के अध्यक्ष रमेश बराड़, केंद्रीय विवि के कुलपति एसपी बंसल, एसडीएम नवीन तन्वर सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।