ऊना, 27 मई-ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशु पालन तथा मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि जिला ऊना का प्रसिद्ध धार्मिक, ऐतिहासिक एवं प्राचीन जिला स्तरीय ऐतिहासिक पिपलू मेले का आयोजन 10 से 12 जून तक किया जाएगा। मेले का शुभारंभ 10 जून को मुख्यातिथि द्वारा पूजा अर्चना एवं झंडा रस्म के साथ होगा। मेले के दौरान सांस्कृतिक एवं विभिन्न खेल स्पर्धाएं भी आयोजित की जाएंगी। वीरेंद्र कंवर शनिवार देर शाम मेले के सफल आयोजन को लेकर विश्राम गृह थाना कलां में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि तीन दिन तक चलने वाले इस ऐतिहासिक एवं प्राचीन मेले के दौरान तीनों दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय स्कूलों के बच्चों को भी भाग लेने का मौका दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान तहसीलदार बंगाणा मेला अधिकारी होंगे जबकि एसएचओ बंगाणा पुलिस मेला अधिकारी होंगे। कंवर ने कहा कि मेले के दौरान विभिन्न विभागों की विकासात्मक प्रर्दशनियां भी लगाई जाएंगी, जिसमें लोगों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी। मेले के दौरान वॉलीबॉल तथा रस्साकशी जैसी खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने मेले के दौरान कानून एव व्यवस्था के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था को भी बेहतर बनाए रखने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कंवर ने कहा कि पिपलू मेले में पशु मेला भी आयोजित किया जाएगा।
वीरेंद्र कंवर ने सभी अधिकारियों से मेले के सफल आयोजन के लिए अपना सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सहयोग प्रदान करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि पिपलू मेला प्रदेश का एक प्रमुख ऐतिहासिक एवं धार्मिक मेला है तथा हजारों लोगों की आस्थाएं जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि मेले हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं तथा इस सांस्कृतिक धरोहर को जिंदा रखने के लिए इस तरह आयोजनों से बल मिलता है। इसके अलावा मेले की स्मृतियों को संजोकर रखने के लिए एक स्मारिका का भी प्रकाशन किया जाएगा।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि मेले के सफल आयोजन के लिए विभिन्न उपसमितियों का गठन किया गया जिनमें मेला स्थल प्रबंधन उपसमिति, स्वागत, स्टेज, सांस्कृतिक, स्वच्छता, प्रदशर्नी, प्रचार व प्रसार, खेल प्रबंधन, लंगर व चायपान, वित्तीय प्रबंधन उप-समितियां प्रमुख हैं। इसके अलावा मेले के दौरान स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग द्वारा चिकित्सा शिविर भी स्थापित किया जाएगा तथा मौके पर ही हिमकेयर कार्ड बनाने के स्टॉल भी लगाया जाएगा। मेले के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए स्वास्थ्य विभाग को समय-समय पर जांच करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा, पूर्व प्रधान विपिन शर्मा, एसडीएम बंगाणा योगराज धीमान, तहसीलदार राहुल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।