बिलासपुर 21 जनवरी:- खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने दाबला पंचायत के अंबु हेठ गांव के लोगों की शिकायतें सुनी। उन्होंने ग्रामीणों की सड़क की मांग पर कहा कि इस गांव के लिए सड़क की नितांत आवश्यकता है तथा उन्होंने अंबु हेठ गांव के लिए शीघ्र ही सड़क के निर्माण का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोरोना काल की कठिन परिस्थितियों में भी मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन व नेतृत्व में पूरे प्रदेश में विकास की गति को रूकने नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सरकार ने अपनी अहम भूमिका निभाई तथा पूरे समाज व पंचायती राज प्रतिनिधियों का इस लड़ाई में भरपूर योगदान रहा है। कोरोना काल में सरकार के द्वारा हर वर्ग के लोगों को आवश्यक मदद की गई है। बाहर से आए मजदूरों को राशन उपलब्ध हो सके उसके लिए एक राष्ट्र एक राशन कार्ड की व्यवस्था लागू की गई। हिमाचल प्रदेश में सबसे पहले यह व्यवस्था कर दी गई थी जिससे प्रदेश सरकार की गरीबों के प्रति संवेदनशीलता परिलक्षित होती है।
देश व प्रदेश की सरकार द्वारा कोरोना की चुनौती को अवसर में बदलने के लिए हर सम्भव प्रयास किए गए। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए जहां प्रदेश में कोरोना महामारी से पहले दो आॅक्सीजन प्लांट थे वहां वर्तमान में 48 आॅक्सीजन प्लांट स्थापित कर दिए गए है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए पूरे प्रदेश के अस्पतालों में 10 हजार से ज्यादा बिस्तरों की व्यवस्था की गई है तथा वर्तमान में 1000 वेटीलेटरों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने लोगों से कहा कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि इससे बचने के लिए सही ढंग से मास्क पहने, बार-बार हाथ धोएं तथा उचित दो गज की दूरी बनाए रखें। उन्होंने बताया कि पहली और दूसरी डोज में देश भर में प्रदेश ने पहला स्थान प्राप्त करते हुए अब 15 से 18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण करने में भी हिमाचल अग्रणी स्थान पर है जोकि हिमाचल के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का गठन होते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा पहली केबिनेट बुजुर्गों को समर्पित करते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए बुजुर्गों की आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष कर दी और पेंशन राशि को भी 750 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया जिससे लाखों बुजुर्ग लाभान्वित हुए। उन्होंने कहा कि 65 से 69 वर्ष की पात्र महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जा रही है। उन्होंने बताया कि आईआरडीपी के परिवारों की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री शगुन योजना से 31 हजार रूपये प्रदान किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हिमकेयर योजना आरम्भ की गई है जिसके अन्तर्गत अस्पताल में दाखिल होने पर परिवार के अधिकतम 5 सदस्यों को 5 लाख रुपये वार्षिक निशुल्क इलाज की सुविधा मिलती हैं। परिवार के 5 सदस्यों के अलावा अगर कोई सदस्य हैं तो शेष सदस्यों का अलग से कार्ड बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगभग 20 हजार परिवारों ने अपने कार्ड बनावा लिए है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा सहारा योजना आरम्भ की गई है जिसके अंतर्गत लंबी बीमारी में उपचार के दौरान रोगियों व उनके परिजनों को आने वाली वित्तीय और अन्य समस्यों से निजात दिलाई जाती है। इसके तहत रोगी को प्रतिमाह 3000 रुपये वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत सतलुज नदी से 53 करोड़ रुपये की लागत से बन रही महत्वकांक्षी पेयजल योजना का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के पूरे होने पर क्षेत्र में अनेक पेयजल योजनाओं को भरपूर मात्रा में पेयजल उपलब्ध होगा और पूरे क्षेत्र में पेयजल की समस्या खत्म हो जाएगी।
इस अवसर पर बाडी मझेडवां प्रधान पंकज चंदेल, बूथ अध्यक्ष रत्न लाल, समाज सेवा एवं पूर्व सैनिक राम स्वरूप, जन कल्याण विकासात्मक समिति अध्यक्ष सोहन लाल, उप प्रधान ग्राम पंचायत कोठी बिट्टु, पूर्व प्रधान शंकर, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण दीपक कपिल, अधिशाषी अभियंता विद्युत मनोज पूरी, सहायक अभियंता विद्युत नरेश रणौत, बीडीओ स्पर्श शर्मा, अधिवक्ता विकास कुमार शर्मा, सुबेदार नंद लाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।