आजादी का अमृत महोत्सव के तहत लोहड़ी के पर्व पर कार्यक्रम आयोजित

परिचर्चा और लोकसंगीत का ऑनलाइन हुआ आयोजन

जिले के वरिष्ठ एवं नवोदित कवियों ने लिया हिस्सा

स्वामी विवेकानंद के विचारों पर परिचर्चा आयोजित

चंबा,14 जनवरी -भाषा एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में "आजादी का अमृत महोत्सव " के तहत लोहड़ी पर्व एवं स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों पर आज ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किए गए ।

जिला भाषा अधिकारी तूकेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के तहत स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों पर परिचर्चा के साथ मुसादा गायन एवं लोकसंगीत प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया ।

उन्होने बताया कि परिचर्चा का आयोजन गूग्गल मीट तथा मुसादा गायन एवं लोकगीतों का आयोजन भाषा एवं संस्कृति विभाग के फेसबुक पेज के माध्यम से किया गया ।

परिचर्चा में भाग लेते हुए ज़िला के वरिष्ठ साहित्यकारों में अशोक दर्द ने लोहड़ी के अवसर पर बच्चों द्वारा गए जाने वाले लोकगीतों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला वहीं वरिष्ठ साहित्यकार भूपेन्द्र जसरोटिया ने सोलहवीं शताब्दी से चम्बा नगर में मनाई जा रही लोहड़ी पर्व से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की ।

वरिष्ठ साहित्यकार सुभाष साहिल ने लोहड़ी पर्व को कविता के माध्यम से बड़े खूबसूरत अंदाज में बखान किया । इसी तरह आशीष बहल ने लोरी के माध्यम अपनी बात रखी । युद्धवीर टण्डन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के विचारों पर सारगर्भित बिंदुओं पर प्रकाश डाला । इसके उपरांत कवि एम आर भाटिया ने तरानुम में लोहड़ी पर्व को बखूबी बयान किया ।

इस दौरान मोनिका , उपासना पुष्प, शाम अजनबी , महाराज परदेसी, विक्रम कौशल,उत्तम सूर्यवंशी, नेहा , शालनी, मधु, शाम सिंह सूर्यवंशी ने भी परिचर्चा में भाग लिया ।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रसिद्ध कलाकार अवतार और बुधलो द्वारा मुसादा गायन प्रस्तुत किया गया ।

प्रसिद्ध संगीतकार एवं प्रवक्ता गुलशन पाल द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम को खूब सराहा गया । कार्यक्रम को

भाषा एवं संस्कृति विभाग के फेसबुक पेज पर प्रसारित किया गया ।

जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी से एहतियातन विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन ऑनलाइन किया जा रहा है ।

===============================

ग्राम पंचायत जुंगरा में विधिक सेवा जागरूकता शिविर आयोजित

लोगों को विभिन्न कानूनों के बारे में करवाया अवगत

विधिक सेवा प्राधिकरण से सेवा प्राप्ति हेतु पात्रता अनिवार्य: सिविल जज एवं न्यायिक दंडाधिकारी

चंबा (तीसा),14 जनवरी-सिविल जज एवं न्यायिक दंडाधिकारी उमेश वर्मा ने ग्राम पंचायत जुंगरा तीसा में आयोजित विधिक सेवा प्राधिकरण शिविर में अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिस समाज में नारी का सम्मान होता है, वह समाज निरंतर उन्नति करता है। समाज के चर्तुमुखी विकास के लिए प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता आवश्यक है। विधिक सेवा प्राधिकरण समाज में महिलाओं,पिछड़े कमजोर वर्ग,अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति,असहाय बच्चे और ऐसे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 3 लाख से कम हो विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कमजोर तबकों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से विधिक सेवा प्राधिकरण कार्य कर रहा है। इस दौरान उन्होंने लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी।

सिविल जज एवं न्यायिक दंडाधिकारी ने यह भी कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण से एक सादे पेपर पर प्रार्थना पत्र लिखकर निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। परंतु इस कार्य हेतु पात्रता का होना अनिवार्य है।

शिविर में नायब तहसीलदार लतीफ मोहम्मद ने उपस्थित लोगों को विभिन्न विभागीय योजनाओं व कार्यों के बारे में अवगत करवाया।

विधिक सेवा प्राधिकरण के जागरूकता शिविर के इस कार्यक्रम में विभिन्न अधिवक्ताओं ने दंड प्रक्रिया की धारा 125, नारकोटिक्स ड्रग्स साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट 1985, विभिन्न महिलाओं के अधिकारों,मौलिक कर्तव्य मौलिक,अधिकार,एफआईआर व अन्य कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

शिविर में बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय से उपस्थित पूजा कुकरेजा ने बेटी है अनमोल, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना,मदर टेरेसा योजना,शगुन योजना व विधवा पुनर्विवाह जैसी विभिन्न विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रधान ग्राम पंचायत जुंगरा हरदई,खंड विकास अधिकारी अश्विनी ठाकुर,अधिवक्ता रविंद्र कुमार, नवीन चौहान,प्रीतो,पुलिस विभाग सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।