ऊना 4 दिसंबर: हिमाचल सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को अपने क्षेत्र के विकास के लिए स्वयं शैल्फ बनाने की शक्तियां दी गई हैं ताकि विकास को और गति प्रदान की जा सके। यह बात ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कृषि, मत्स्य व पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने ने आज जिला परिषद ऊना की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में विभिन्न विकास मुद्दों पर सार्थक चर्चा के साथ-साथ वित्त वर्ष 2022-23 के लिए लगभग 3.04 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित किया गया। जिसे पंचायत भवनों के सुधार, बिजली, पानी, व लाइटों के सुधारीकरण तथा अन्य विकास कार्यों पर आवश्यकतानुसार व्यय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को अधिकार दिए गए हैं कि वह शैल्फ बनाकर प्राथमिकता के आधार पर गांव के विकास के लिए 15वें वित्तायोग में धनराशि का प्रावधान किया गया है।
वीरेंद्र कंवर ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचा रही है। सरकार ने प्रत्येक नागरिक को बैंकों के साथ जोड़कर योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया है। उन्होंने निर्देश दिये कि भवन और निर्माण कार्यों में लगे मजदूर वर्ग, प्रवासी मजदूर, बुनकर, मछुआरे, पशुपालक, लेबलिंग और पैकिंग, आशावर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, ग्वालों सहित असंगठित कामगारों का ई-श्रम पोर्टल पर 31 दिसंबर 2021 तक अपना पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करने के लिए अपने कार्यक्षेत्र में जाकर कामगारों को प्रेरित करें ताकि अधिक से अधिक लोग सरकार की योजनाओं का लाभ पा सकें। हालांकि लोकमित्र केंद्रों के माध्यम व स्वयं भी ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित कामगारों को अपना पंजीकरण करवाने की सुविधा दी गई है। जिसके उपरांत विभाग द्वारा कार्ड जारी किए जाते हैं।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने आगामी वर्ष की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिला परिषदके अन्तर्गत संयुक्त कार्यों के लिए 91.18 लाख रूपये, पेयजल की आपूर्ति के लिए 1.06 करोड़ रूपये तथा स्वच्छता कार्यों के लिए 1.06 करोड़ रूपये की राशि का बजट प्रस्तावित किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों से संबंधित अधिकतर सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है, ताकि त्वरित समस्याओं के निदान के साथ-साथ पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विभाग के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं बारे जिला परिषद को विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई जाए ताकि लोगों को उनका लाभ मिल सके।
जिला परिषद की अध्यक्षा नीलम कुमारी ने मांग रखी कि केवल 42 एचपी की क्षमता के टैक्टर खरीदने पर ही सब्सिड़ी दी जाती है तथा 55 या 65 एचपी क्षमता के ट्रैक्टर खरीदने पर भी सब्सिडी देने का प्रावधान किया जाए। यहां तक कि इसे मुख्यामंत्री स्बावलंबन योजना के साथ भी जोड़कर सीधा लाभ लेने की सुविधा तय की जाए। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा आयोजित 346 शिविरों में 10380 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करने का भी ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा। अनुसूचित जाति बाहुल्य जिला परिषद वार्डों में जहां अंबेडकर भवन नहीं हैं, वहां भवन निर्मित करने की मांग को स्वीकार कर लिया गया।
पूर्ण तथ्यों के साथ जानकारी उपलब्ध करवाएं अधिकारी
बैठक में जिप उपाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा ने कहा कि अधिकारी आधी-अधूरी जानकारी लेकर आने की बजाय पूर्ण तथ्यों के साथ जानकारी उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला में बेसहारा गौंवश को आश्रय प्रदान करने के लिए सरकार के माध्यम से गौसदन संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 25 हजार रूपये तक की देशी गाय खरीदने पर सरकार द्वारा 25 प्रतिशत उपदान दिया दे रही है तथा यातायात का खर्च भी सरकार की ओर से वहन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 121 पशुपालकों को यह सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा चुकी है।
बैठक में जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार, जिला परिषद के समस्त सदस्य, जिला के समस्त विकास खंड अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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