थैला लेकर जाएंगे प्लास्टिक घर नहीं लाएंगे - धर्मशाला महंतां में दिया स्वच्छता का संदेश
ऊना, 13 अक्तूबर - स्वच्छ भारत अभियान में जन सहभागिता को सुनिश्चित व प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे क्लीन इंडिया अभियान के दौरान आज चिंतपूर्णी परिक्षेत्र में सीमांत गांव धर्मशाला महंतां में युवा सेवाएं व खेल विभाग मंत्रालय भारत सरकार के केंद्रीय अधिकारी बोर्ड ऑफ गवर्नर सदस्य शतरुद्र प्रताप सिंह ने लोगों से अपने विचार सांझा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में जीवन मूल्यों का विशेष महत्व है जिसे हमें संजोय रखना चाहिए ताकि भावी पीढ़ियों को भी समृद्ध भारतीय संस्कृति के दर्शन और उस पर गर्व महसूस हो सके। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छता की प्रति जनभागीदारी सुनिश्चित करने की लिए स्वच्छ भारत अभियान का आगाज किया गया है। अभियान के साथ पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, युवक व महिला मंडलों, विभिन्न विभागों सहित 744 जिलों को भी जोड़ा गया है तथा महीने भर में चलने वाली गतिविधियों में सिंगल यूज प्लास्टिक इकठ्ठा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने में प्रत्येक नागरिक को अपनी सहभागिता देनी चाहिए। हर किसी को समझना होगा कि मेरे घर का कूड़ा मेरी जिम्मेदारी है ताकि अपने आसपड़ोस को साफ-सुथरा रखकर पूर्ण रुप से स्वच्छ भारत की परिकल्पना को साकार किया जा सके। उन्होंने कहा कि बाजार जाते समय यदि थैला लेकर जाएंगे तो काफी हद तक हम अपने घर प्लास्टिक लाने से बच सकते हैं।
कार्यक्रम में नेहरु युवा केेन्द्र के राज्य निदेशक सैमसन महीस, डॉ लाल सिंह उपनिदेशक नेहरू युवा केंद्र ऊना ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवी मनीषा, नेहरु युवा मंडल विकास खंड अब के पदाधिकारियों सहित विजय भारद्वाज, राकेश, मधु, आरती, रवीना, अक्षय व अन्य उपस्थित रहे।
===============================
आजादी के अमृत महोत्सव पर भरवाईं मंे लगाया विधिक जागरुकता शिविर
ऊना, 13 अक्तूबर - आजादी के अमृत महोत्सव के तहत चलाए जा रहे विधिक जागरुकता अभियान के तहत भरवाईं में लोगों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी प्रदान करने के लिए एक शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रेम लाल रांटा ने की।
इस मौके पर प्रेम लाल रांटा ने कहा कि न्याय हासिल करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और धन के अभाव में किसी भी नागरिक को न्याय से वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्हांेने बताया कि गरीब और असहाय लोगों को न्याय प्राप्त करने में धन की कमी बाधा न बने, इस उद्देश्य से ही विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण राज्य, जिला और उपमंडल स्तर पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में वकीलों का एक समूह पात्र और जरुरतमंद लोगांे को निशुल्क कानूनी परामर्श और सहायता प्रदान करता है।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विवेक खनाल ने बताया कि समाज के कमजोर वर्गों को निशुल्क कानूनी परामर्श व सहायता प्रदान करने के लिए बनाए गए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊना ने अब तक लगभग 122 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया है। ऊना में प्री-लिटिगेशन हेल्पडेस्क की स्थापना 16 अक्तूबर 2019 को हुई थी, जिसके माध्यम से पारिवारिक झगड़ों, घरेलू हिंसा जैसे मामलों को कानूनी दायरे में रहकर मध्यस्थता कर सुलझाया जाता है। कम समय व बिना किसी खर्च में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलए) का एडीआर केंद्र मामलों का निपटारा करता है।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी हितेन्द्र शर्मा, एसीजेएम अंब विवेक शर्मा, डीएसपी वीर सिंह, पैरा लीगल वलंटीयरज़, अधिवक्ता सुरेश ऐरी सहित अन्य उपस्थित रहे।
================================
लोकमित्र केन्द्रों पर किसानों हेतु पंजीकरण प्रक्रिया के लिए 30 रुपये शुल्क निर्धारित
पंजीकरण के लिए 20 रुपये जबकि टोकन के लिए देने होंगे 10 रुपये
ऊना, 13 अक्तूबर - किसानों की सुविधा के लिए इस बार एफसीआई के माध्यम से धान की फसल की खरीद की जा रही है जिसके लिए किसानों को सबसे पहले वेब पाॅर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। इस बारे जानकारी देते हुए उपायुक्त, ऊना राघव शर्मा ने बताया कि किसान वेब पाॅर्टल पर पंजीकरण करवाकर टोकन प्राप्त करने के उपरांत ही अपनी धान की फसल बेच पाएंगे। उन्होंने बताया कि धान की बिक्री के लिए टकारला खरीद केन्द्र के साथ-साथ अब टाहलीवाल खरीद केन्द्र के लिए भी सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि किसानों को ी http://hpappp.nic.in वेबसाइट पर पंजीकरण करके टोकन प्राप्त करना होगा और आबंटित किए गए दिन और स्लाॅट के हिसाब से ही धान बेचने के लिए मंडी जाना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कृषक जो अपने स्तर पर स्वयं पंजीकरण नहीं कर सकते हैं, वे पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने की लिए किसान नजदीकी लोकमित्र केन्द्रों की सेवाएं ले सकते हैं।
डीसी ने बताया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा लोकमित्र केन्द्रों के लिए पंजीकरण से संबंधित सेवाओं के लिए हेतु शुल्क की दरें निर्धारित कर दी हैं। उन्होंने बताया कि पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए किसानों को 30 रुपये की शुल्क अदा करनी होगी। उन्होंने बताया कि वेब पाॅर्टल पर पंजीकरण करने और रसीद का पिं्रट आउट प्रदान करने के लिए 20 रुपये जबकि टोकन जनरेट करके उसका प्रिंट आउट प्रदान करने के लिए 10 रुपये की शुल्क निर्धारित की गई है। उन्होंने जिला में संचालित किए जा रहे लोकमित्र केन्द्रों के संचालकों का आहवान किया है कि इस कार्य के लिए सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क ही वसूली जाए अन्यथा उल्लंघन होने की स्थिति में नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है।