बरसात के मौसम में नदी-नालों से दूरी बनाए रखे-पंकज राय

बिलासपुर 28 जुलाई - बरसात के मौसम में भारी वर्षा के कारण जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति होने पर जन-धन की सुरक्षा के लिए लोगों से आग्रह किया जाता है कि बरसात के मौसम में नदी-नालों में जलस्तर बढ़ना आम बात है जिससे जान-माल का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम के दौरान न तो नदी-नालों में खुद जाएं और न ही अपने पशुधन को ले जाएं। भूसखलन वाले क्षेत्रों, खतरनाक सड़कों, विद्युत लाईनों और सूखे पेड़ो के नजदीक भी न जाएं ताकि किसी भी प्रकार का नुकसान न हो। यह जानकारी उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय ने दी।

पर्यटक, श्रद्धालु तथा नागरिक बरसात के मौसम में जोखिम न ले
उन्होंने पर्यटकों, श्रद्धालुओं तथा सभी नागरिकों से आग्रह किया कि बरसात के मौसम जिला में होने वाली भारी वर्षा के मध्यनजर नदी-नालों के करीब जाने से बचे तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भी न जाएं ताकि जान-माल के नुकसान से बचा जा सके। इस दौरान अपने घरों में सुरक्षित स्थान पर रहे और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं।

मानसून के मौसम में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए विभाग तैयार

मानसून के मौसम में प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए सभी विभाग अपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कार्य योजना तैयार कर चुके है ताकि आपदा के दौरान किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पडे और होने वाले नुक्सान को कम किया जा सके।
उन्होंने सम्बन्धित विभागों को मानसून में होने वाले नुकसान से निपटने के लिए पर्याप्त प्रबन्ध किए जा चुके है तथा उन्होंने प्रबंन्धों को निरंतर मुस्तैद रखने को कहा। उन्होंने विद्युत विभाग को सुचारू विद्युत व्यवस्था बनाएं रखने को कहा।
उन्होंने जल शक्ति विभाग को कहा कि वह जल भण्डारन टैंको और अन्य पेयजल स्त्रोतों को साफ रखने तथा जल निकासी व्यवस्था को सूचारू बनाए ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बनाई रखी जा सके। उन्होंने पेयजल स्त्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन करने को भी कहा।
उन्होंने सम्बन्धित विभाग को जिला में हाईड्रेन्टस को सुचारू रूप से फंकशनल रखने और अगर कोई खराब है तो उन्हें ठीक करवाने को कहा।
उन्होंने सम्बन्धित विभाग को डेंगू और मलेरिया इत्यादि रोगों से बचने के लिए फोगिंग और स्प्रे करना सुनिश्चित बनाएं रखें।
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विश्व हेपेटाइटिस दिवस कार्यक्रम आज उप स्वास्थ्य केंद्र चरणमोड में मनाया गया
बिलासपुर 28 जुलाई - विश्व हेपेटाइटिस दिवस कार्यक्रम आज उप स्वास्थ्य केंद्र चरणमोड में ग्राम पंचायत दधोथ के प्रधान श्याम लाल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने लोगों को कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए विश्व हेपेटाइटिस दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस रोग एक वायरल रोग है जो लीवर को प्रभावित करता है। वायरल हेपेटाइटिस मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है एक तो संक्रामक हेपेटाइटिस और दूसरा रक्तरंजित हेपेटाइटिस।
उन्होंने बताया कि संक्रामक हेपेटाइटिस भोजन और पानी से फैलता है तथा रक्तरंजित हेपेटाइटिस शरीर के तरल पदार्थ के संपर्क में आने पर फैलता है। उन्होंने बताया कि पीले रंग की त्वचा होना, आंखें पीली होना, उल्टियां आना, पेट में दर्द और बुखार आना हेपेटाइटिस के लक्षण है। हेपेटाइटिस बी में व्यक्ति की आंखें पीली पेट में दर्द ,पेशाब का रंग गहरा दिखाई देता है। उसी तरह हेपेटाइटिस सी में व्यक्ति में थकान, उल्टी होना, भूख न लगना और आंखों और त्वचा का पीला होना हेपेटाइटिस सी के लक्षण हैं। अगर किसी व्यक्ति में इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे तो वह अपनी जांच अवश्य डॉक्टर से करवाएं। हेपेटाइटिस का इलाज आसानी से उपलब्ध है। हेपेटाइटिस बी की वजह से लिवर सिरोसिस का खतरा होता है अगर समय रहते इसकी पहचान हो जाए तो इलाज संभव है लीवर सिरोसिस होने पर लीवर प्रत्यारोपण ही एकमात्र इलाज है।
स्वास्थ्य शिक्षक ने बताया कि साफ भोजन व साफ पानी का प्रयोग करें तथा टीकाकरण के समय डिस्पोजेबल सिरिंज लगाना सुनिश्चित करें ताकि हेपेटाइटिस रोग ना फैले। छोटे बच्चों को हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाएं जो उप स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क लगाया जाता है।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य कार्यकर्ता रमेश कुमार, मीना कुमार, सी.एच.ओ सुजाता ठाकुर सहित आशा वर्कर सुमन कुमारी, सीता देवी तथा माया देवी उपस्थित रहे।
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