चंडीगढ़, 3 मार्च। हरियाणा में बड़े स्तर पर युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्राइवेट नौकरियों में प्रदेश के युवाओं के लिए 75 प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित करने के बाद सरकार आगामी अप्रैल माह से प्रदेशभर में बड़ा रोजगार अभियान चलाएगी। इस रोजगार अभियान के जरिये सक्षम युवाओं को सरकार रोजगार दिलाने का कार्य करेगी। यह जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दी। वे बुधवार को जेजेपी प्रदेश कार्यालय पर पत्रकारों से रूबरू थे। दुष्यंत ने कहा कि सरकार ने निजी क्षेत्र की नौकरियों में प्रदेश के युवाओं की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि इसी मार्च माह में इस कानून से संबंधित नियम और प्रक्रिया जारी कर दी जाएगी।

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्य सरकार अगले अप्रैल माह में प्रदेश के सभी 22 जिलों, 143 ब्लॉकों में बड़े स्तर पर रोज़गार अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि इस रोज़गार अभियान का लक्ष्य रहेगा कि नए वित्त वर्ष में निकलने वाली सभी नौकरियों में ज्यादा से ज्यादा प्रदेश के योग्य युवाओं को प्राइवेट कंपनियों, निजी उद्योगों तथा अन्य व्यवसायों में रोज़गार मिले। दुष्यंत ने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित करने का काम करेगी कि जो युवा डिग्री, डिप्लोमा आदि लेकर घर बैठे है, उन्हें उनके कौशल अनुसार समय पर रोज़गार उपलब्ध करवाया जाए।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हरियाणा से पहले 37 वर्ष पूर्व महाराष्ट्र राज्य में यह कानून मराठी बोलने वाले लोगों के लिए लागू हुआ था। इसी तरह देश के अन्य राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल, गुजरात, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र, तेलंगाना आदि में भी यह बिल लाया गया लेकिन इस बिल को लागू कर सफल किसने बनाया, यह बड़ी बात हैं। उन्होंने प्रदेश के युवाओं को विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार इस कानून के जरिये राज्य के युवाओं का रोज़गार सुनिश्चित करने का कार्य करेगी और नये कानून से स्थानीय युवाओं को ज्यादा से ज्यादा नौकरियां दिलाकर उन्हें लाभान्वित करेगी।

एक अन्य सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी पद के लिए स्किल्ड कर्मचारी ना मिलने पर आरक्षण कानून में छूट दी गई है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि जैसे निर्माण कार्य में सरिया बांधने का काम ज्यादातर पश्चिम बंगाल के लोग, मिस्त्री का कार्य राजस्थान-मध्यप्रदेश के लोग करते है, ऐसे में इनके लिए कानून में छूट दी जा सकती है क्योंकि ऐसे कारीगर हरियाणा में नहीं होंगे। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बाकि चौकीदार, सुरक्षा गार्ड, क्लर्क, स्टेनो क्लर्क, पीए आदि ऐसी नौकरियां जो कि 50 हजार रुपये मासिक सैलरी तक की है उन पर राज्य के युवाओं का 75 प्रतिशत हक होगा।

डिप्टी सीएम ने कहा कि कानून में किसी फर्म या किसी रोजगार प्रदाता द्वारा नियमों का पालन न करने पर अलग-अलग सेक्शन के तहत जुर्माने लगाने का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि फर्म के लिए खुद का पंजीकरण तथा उनके नये व पुराने कर्मचारियों की जानकारी संबंधित पोर्टल पर उपलब्ध करवाना अनिवार्य होगा। वहीं कानून को लेकर भ्रम फैलाने वाले विपक्षी नेताओं को सलाह देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग भ्रम फैलाने की बजाय राज्य के युवाओं के रोजगार के हित में सरकार का साथ दें।

दुष्यंत चौटाला ने रोजगार बिल को लेकर शंकाएं दूर की कि इस कानून से पुराने कर्मचारियों के रोजगार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून भविष्य में आने वाले प्रत्येक प्राइवेट नौकरियों में हरियाणा के युवाओं की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का काम करेगा।