दिन-ब-दिन बढ़ती महंगाई ने आज विकराल रूपधारण कर लिया है: अभय चौटाला

आज आम आदमी, गरीब और मजदूर का जीवन यापन महंगाई के कारण बेहद दूभर हो गया है

चंडीगढ़, 22 जनवरी: दिन ब दिन बढ़ती महंगाई ने आज विकराल रूप धारण कर लिया है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में डीजल-पैट्रोल 40 प्रतिशत, लोहा 50 प्रतिशत, सिमेंट 30 प्रतिशत, दलहन 40 प्रतिशत और रसोई गैस सिलेंडर में 300 रूपए की बढ़ौतरी के कारण महंगाई डायन का रूप ले चुकी है। आज आम आदमी, गरीब और मजदूर का जीवनयापन महंगाई के कारण बेहद दूभर हो गया है। इनेलो विधायक अभय चौटाला ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम कानून में किए गए संशोधन के बाद तो महंगाई दो गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है। आज खाद्य तेलों, दलहन एवं अनाज के भंडारण पर लगी रोक हटाने के बाद रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दामों में दो गुना से भी ज्यादा की वृद्धि हो गई है। बड़े कार्पोरेट घराने अमीर से और ज्यादा अमीर हो रहे हैं जिससे एक बात साफ हो गई है कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों के हाथ में खेल रही है।

इनेलो नेता ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बेतहाशा बढ़ौतरी के कारण ट्रांसपोर्टेशन के किराए बढ़ गए हैं जिस कारण से रोजमर्रा की जरूरत की चीजें महंगी हो गई हैं। जहां एक तरफ प्रदेश का अन्नदाता अपनी फसलों के उचित दाम पाने व अपनी जमीन को बचाने के लिए आंदोलनरत है वो भी महंगाई की भयंकर चपेट में फंस गया है। उन्होंने कहा कि किसान खेती के लिए ट्रैक्टर का इस्तेमाल करता है जिसमें डीजल का खर्च सबसे ज्यादा होता है। आज हालत ये हैं कि खेती में इस्तेमाल होने वाली खाद, बीज और दवाई सरकार ने महंगी कर दी हैं और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी के कारण दाल, अनाज, फल-सब्जी उगाने की लागत बहुत बढ़ गई है लेकिन किसान को उसकी फसलों के भाव नहीं मिल रहे। वहीं आवश्यक वस्तु अधिनियम कानून में किए गए संशोधन के कारण जमाखोरी इतनी बढ़ गई है कि आम आदमी के लिए दाल, अनाज और फल-सब्जी खरीदना पहुंच से बाहर हो गया है।
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अर्जुन चौटाला ने ट्रेक्टर यात्रा की शुरूआत कालका माता मंदिर व गुरुद्वारे में माथा टेक कर की

चंडीगढ़, 22 जनवरी: इनेलो की छात्र इकाई आईएसओ के राष्ट्रीय प्रभारी अर्जुन चौटाला किसानों के समर्थन में शुक्रवार को ट्रैक्टर यात्रा की शुरुआत कालका माता मंदिर व गुरुद्वारे में मत्था टेककर की। वह सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ पिंजौर से इस यात्रा की शुरुआत करते हुए हजारों किसानों के साथ सिंघु बॉर्डर के लिए निकले।

वो शुक्रवार को पंचकूला, बरवाला, शहजादपुर, नारायणगढ़, सढ़ौरा, बिलासपुर, जगाधरी होते हुए यमुनानगर पहुंचेंगे, जहां उनका रात्रि विश्राम होगा। शनिवार 23 जनवरी को इस यात्रा की शुरुआत रादौर से होकर लाडवा, रैतखाना, भादसो चौक, नीलोखड़ी, तरावड़ी, काछवा, करनाल होते हुए घरौंडा पहुचेंगे जहां उनका रात्रि विश्राम होगा। वहीं 24 जनवरी को घरौंडा से इस यात्रा का शुभारंभ होगा जो फूरलक, गगसीना, मुनक, धर्मगढ़ चौक, कवी, मतलौडा, इसराना, समालखा और गन्नौर होते हुए सिंघु बार्डर तक जाएगी।