बिलासपुर 22 जनवरी:- मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. प्रकाश दडोच ने बताया कि स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण विभाग जिला बिलासपुर के तत्वाधान में गांव धार टटोह खंड मारकण्ड के अंतर्गत राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व गांव के युवाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर भाषण व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में गौरव महाजन प्रथम, अनिकेता द्वितीय व कशिश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया तथा चित्रकला प्रतियोगिता में मनीषा ठाकुर प्रथम, अनु कुमारी द्वितीय व प्रत्युषा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विजेताओं को नगद इनाम दिये गए।

इस अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने विश्व एड्स दिवस के थीम ‘राष्ट्र निर्माण के लिए युवा शक्ति को संगठित करें’ पर चर्चा करते हुए कहा कि अब युवा वर्ग को एड्स से बचने के लिए एकजुट होकर जिमेदारी निभानी पडेगी और एडस जैसी बीमारी को खत्म करने में अपना अहम योगदान करना होगा तभी हम ऐसी बीमारियों से बच सकते हैं। युवाओं को अपना एच0आई0वी0 स्टेटस जानना जरुरी है, क्योंकि इससे एड्स रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि एच0आई0वी0 स्टेटस जानने के लिए सरकारी अस्पतालों की सभी आई0सी0टी0सी0 में यह सुविधा उपलब्ध है। तथा 90ः90ः90 के उपर जानकारी देते हुए बताया कि अब 90 प्रतिशत लोगों का एच0आई0वी0 स्टेटस जानना है तथा 90 प्रतिशत का ही निदान व इलाज करना है और 90 प्रतिशत का फौलोअप भी सुनिश्चित करना है।

जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी पूर्ण चन्द ने बताया कि एच0आई0वी0/एड्स मुख्यतः चार कारणों से होता है। संक्रमण के लिए सुरक्षात्मक कदम उठा कर घातक रोग से सुरक्षित रहने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

इसके लिए जरूरी कदम हैं, पति पत्नि में वफादारी या निरोध का सही प्रायोग, निरोध स्वास्थ्य केन्द्रों में मुफ्त मिलते हैं, टीका लगवाने के लिए नई सूई सीरिंज का प्रयोग, टैटू गुदवाने व नाक कान छेदने के लिए सुरक्षित नई सूई का प्रयोग, शेव करती बार नई ब्लेड का इस्तेमाल, जरूरतमंद को स्वैच्छिक रक्त दाता द्वारा दान किया हुआ एच0आई0वी0 मुक्त रक्त ही चढ़ाना और आईसीटीसी केन्द्र में गर्भवती की जांच पर एच0 आई0वी0 का पता चलने पर उसे प्रथम प्रसव वेदना के समय तथा नवजात को जन्म के 72 घंटे के अन्दर नेविरापिन दवा की खुराक, बच्चे मेें एच आई वी होने का खतरा 30 प्रतिशत से घट कर 4 प्रतिशत रह जाता है।

उन्होंने बताया कि जांच व दवा दोनों आईसीटीसी केन्द्रों में मुफ्त मिलती हैं। उन्होंने बताया कि एड्स लाइलाज रोग है, अब रोगी को एंटिरिटरोवाइरल ट्रिटमैंट देकर उसकी उमर बढ जाती है, जबकि यौन संचारित रोगों का उपचार शत प्रतिशत संम्भव है, समय पर इन रोगों का उपचार न होने पर व्यक्ति को एच0आइ0वी0 संक्रमण का खतरा 10 गुणा अधिक हो जाता है।

उन्होंने बताया कि यौन संचारित रोगों के लक्षण मर्दों में धात चलना, रूक-रूक कर पेशाब आना, जननांग पर पीडा़ रहित घाव होना, पेशाब करती बार दर्द व जलन होना, अण्डकोष में सूजन आना, कुल्हों में गिल्टयां होना तथा औरतों में जननांग से बदबूदार-रंगदार पानी चलना व पीड़ा रहित घाव होना, निचले पेट मे सूजन तथा पीड़ा होना, कुल्हों में गिल्टयां होना हैं। उन्होंने बताया कि नजदीकी चिकित्साल्य में इन रोगों का समय पर इलाज करवाना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि अज्ञानतावश एच0आई0वी0 एड्स के साथ जीवन जी रहे व्यक्तियों से भेद भाव करना भूल है क्योंकि रोगी से हाथ मिलाने, साथ खाने-पीने, उठने बैठने, साथ पढ़ने, खेलने व गले मिलने से एड्स नहीं होता बल्कि सही सेवा व व्यवहार से रोगी का जीवन जीने में आसान व दीर्घ हो जाता है। उन्होंने बताया कि एड्स प्रभावित व्यक्ति को इन्दिरा गान्धी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला, चिकित्साल्य हमीरपुर, चिकित्सा महाविद्यालय टांडा और लिंक ए0आर0टी0 सैंटर बिलासपुर व अन्य सभी जिलों में उपचार हेतु दवा मुफ्त उपलब्ध है तथा रोगी व्यक्ति के साथ एक व्यक्ति के आने जाने का किराया भी देय है। उन्होंने कहा कि हर युवा वर्ग को इस ज्ञान को दैनिक जीवन में उपयोग करने, अनुशासित व नशा मुक्त जीवन शैली अपनानी चाहिए।