कैथल, 20.01.21- - व्यापारी प्रतिनिधियों की एक आवश्यक बैठक हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में चीका मंडी में हुई। इस बैठक में व्यापारी व मिलरों की समस्याओं पर विचार किया गया। व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार ने आम प्रयोग में आने वाली वस्तुएं व सभी समान पर जीएसटी लगाकर अनाप-शनाप टैक्सों में बढ़ोतरी कर दी है मगर पेट्रोल और डीजल पर जो अनाप-शनाप वेट कर व एक्साइज ड्यूटी है उन पर टैक्स कम करके पेट्रोल व डीजल को जीएसटी दायरे में नहीं लाया गया है जबकि केंद्र सरकार को पेट्रोल व डीजल पर टैक्स कम करके इसे भी जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। पेट्रोल व डीजल के रेटों में भारी भरकम टैक्स होने व रेट ज्यादा होने से ट्रांसपोर्ट महंगी पड़ती है। जिसके कारण हर समान पर महंगाई का बोझ पड़ रहा है।

प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि जब से देश आजाद हुआ तब से अब तक कपड़ा व चीनी पर कभी भी टैक्स नहीं लगा मगर केंद्र सरकार ने कपड़ा, चीनी, खाद, खेती में प्रयोग आने वाली दवाई, धूप अगरबत्ती आदि टैक्स फ्री हुआ करती मगर सरकार ने इन पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया। आम उपयोग में आने वाली वस्तुओं पर 5 प्रतिशत हुआ करता। सरकार ने उन वस्तुओं पर 18 व 28 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया जबकि पूरे विश्व में टैक्स की दरें भारत में सबसे ज्यादा है जिसके कारण महंगाई बढ़ी है। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार ने व्यादा किया था कि एक देश एक टैक्स होगा जब सरकार ने जीएसटी के तहत अनाप-शनाप टैक्स लगा दिए तो मार्केट फीस समाप्त होनी चाहिए थी मगर सरकार ने अभी तक मार्केट फीस समाप्त नहीं की है जबकि सरकार देश व प्रदेश में व्यापार व उद्योग को बढ़ावा देने की बात कर रही है। जबकि प्रदेश में व्यापार व उद्योग कम होने के कारण हरियाणा में लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं। सरकार को बेरोजगारी कम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा व्यापार व उद्योग को बढ़ावा देने के लिए व नए उद्योग लगाने के लिए सस्ती जमीन उपलब्ध करानी चाहिए और उद्योग व दुकानों के बिजली बिलों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देनी चाहिए और जीएसटी में सलीकरण करके टैक्सों की दरें कम करनी चाहिए। उसके साथ साथ गांव स्तर पर कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार को बिना ब्याज लोन देना चाहिए ताकि गांवों में कुटीर उद्योग जो लगभग 90 प्रतिशत बंद हो चुके हैं उन्हें पूर्ण चालू किया जाए। गांव स्तर पर छोटे-छोटे उद्योग लगने से गांव स्तर पर ही महिलाएं व लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। जिससे बेरोजगारी कम होने के साथ-साथ महंगाई पर भी अंकुश लगेगा।

लगभग तीन महीने से धान की खरीद का करोड़ों रुपए आढ़त व मजदूरी का भुगतान सरकारी एजेंसियों की तरफ से आढ़तीयों का बाकी है। सरकार को आढ़तीयों का भुगतान ब्याज सहित तुरंत प्रभाव से करना चाहिए। इस बैठक में हरियाणा राईस मिल एसोसिएशन के प्रधान हंसराज सिंगला, चीका प्रधान आशु गोयल, प्रदेश सचिव राजकुमार जखोली, मुकेश गोयल, राजू गोन्द, वैश्य समाज प्रधान निर्मल जैन, महावीर दल प्रधान सत्य प्रकाश गर्ग, वैश्य समाज के राष्ट्रीय महासचिव चूडिय़ा राम गोयल आदि ने अपने विचार रखे।