चंबा, 16 जनवरी- राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार ओपी शर्मा ने कहा कि प्रदेश के 6 जिलों में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में नशा मुक्ति केंद्र खोले जाने हैं जिनमें चंबा जिला भी शामिल है। नशा मुक्ति केंद्र खोले जाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा हिमाचल प्रदेश मेंटल हेल्थ आथॉरिटी द्वारा मंडी जिला के नेर चौक में भी एक अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की जा रही है जिसका जल्द ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लोकार्पण करेंगे। ओपी शर्मा ने यह बात आज उपायुक्त डीसी राणा के साथ भेंट करने के बाद कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश भर में नशा निवारण बोर्ड की गतिविधियों को व्यावहारिक तौर पर अमलीजामा पहनाया जाएगा ताकि नशा निवारण बोर्ड अपेक्षा के अनुरूप अपनी गतिविधियों को अंजाम दे सके। उन्होंने बताया कि उपायुक्त डीसी राणा के साथ संयुक्त वार्ता करने के बाद निर्णय लिया गया है कि चंबा जिला में भी अप्रैल महीने से जन जागरूकता अभियान को शुरू किया जाएगा। इस अभियान में शुरुआती तौर पर पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों, महिला मंडलों, युवक मंडलों और गैर सरकारी संगठनों को सक्रिय तौर पर शामिल किया जाना है।

ओपी शर्मा ने कहा कि नशे पर तब तक पूरी तरह से अंकुश नहीं लगाया जा सकता है जब तक समाज का सकारात्मक सहयोग प्राप्त ना हो। राज्य नशा निवारण बोर्ड एक ऐसी कार्य योजना तैयार कर रहा है जिसके माध्यम से एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा जो नशे के कारोबार करने वालों पर पूरी तरह से नकेल कसने में सक्षम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अंतरराज्यीय समन्वय पर भी फोकस किया जाएगा। उन्होंने इस बात की जरूरत पर भी बल दिया कि इंटेलिजेंस नेटवर्क नशे के कारोबार पर प्रहार करने का सबसे बड़ा कारगर हथियार रहता है। इस दिशा में भी बोर्ड आवश्यक कदम उठाने की दिशा में काम करेगा। ओपी शर्मा ने कहा कि नेशनल ड्रग कंट्रोल फंड के तहत नशा निवारण की गतिविधियों को समुचित फंडिंग मिल सकती है। ऐसे में कुछ कारगर प्रपोजल भी तैयार करने की आवश्यक है। केंद्र की तर्ज पर राज्य में स्टेट ड्रग कंट्रोल फंड की स्थापना करने के प्रस्ताव को बोर्ड द्वारा पारित किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की यह बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है कि हिमाचल प्रदेश को नशे से मुक्त बनाना है। ओपी शर्मा ने कहा कि विशेष तौर से युवा वर्ग और स्कूल -कॉलेज जाने वाले युवाओं में लगने वाली नशे की लत और इस काम में लगे असामाजिक तत्वों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्यवाही करना भी बोर्ड के लक्ष्यों में शामिल है। उपायुक्त डीसी राणा के साथ हुई इस संयुक्त वार्ता के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रमन शर्मा भी मौजूद रहे। रमन शर्मा ने विषेशकर चंबा जिला की भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर लॉ एनफोर्समेंट मैकेनिज्म को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
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