शिमला -16 जनवरी, 2021-मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला मण्डी में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के प्रथम चरण के शुभारंभ मौके पर क्षेत्रीय अस्पताल के अंतर्गत विजय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का दौरा किया तथा परिधि गृह में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला में कोविड-19 टीकाकरण अभियान की कार्य योजना तथा बर्ड फ्लू के मामलों की समीक्षा की।

उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि निःसंदेह प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट आई है। सुरक्षित एवं आशातीत परिणाम देने वाली कोविशील्ड वैक्सीन के चलते इन मामलों में और अधिक तेजी से गिरावट आयेगी।

उन्होंने जिला में प्रथम चरण में पहले दिन टीकाकरण के लिए स्थापित केंद्रो विजय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल, नागरिक अस्पताल सुन्दरनगर व करसोग के तहत 360 स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के लिए टीकाकरण का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने आहवान किया कि प्रथम डोज के 28 दिनों के बाद दूसरी डोज लेना अनिवार्य है तथा टीकाकरण के 42 दिनों के उपरांत ही शरीर में कोरोना वायरस के विरूद्ध रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है, इसलिए इस अवधि में भी संक्रमण के प्रति सजग रहना आवश्यक है ।

उन्होंने जिला में 16 जनवरी, 18 जनवरी, 22 जनवरी, 23 जनवरी, 28 जनवरी तथा पहली फरवरी तक 11,877 लाभार्थियों को जिला में स्थापित 111 केंद्रो के अंतर्गत 161 सत्रों में पूरा होने वाले इस टीकाकरण अभियान के माइक्रो प्लान बारे संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा की तथा उचित निर्देश दिये।

उन्होंने जिला में बर्ड फ्लू के मामलों की समीक्षा की तथा कहा कि स्थानीय तथा माइग्रेटरी बर्ड देश की सम्पदा है, जिनकी सुरक्षा को प्राथमिकता प्रदान करना अनिवार्य है। उन्होंने पशुपालन तथा वन विभाग के अधिकारियों को इस दिशा में आपसी तालमेल के साथ कार्य करने तथा ग्रामीण स्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला के सुन्दरनगर, रिवालसर, लारजी, पंडोह, सुकेती खड्ड आदि जलाशयों में आने वाले माइग्रेटरी बर्ड पर निगरानी रखने को भी कहा।

बैठक में उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्रवण मांटा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. देवेन्द्र शर्मा, नेरचैक मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य डाॅ. आर.सी. ठाकुर, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जीवानन्द चैहान, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. दिनेश ठाकुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ. अनुराधा, अरण्यपाल एस.के. मुसाफिर, वन मंडलाधिकारी एस.एस. कश्यप, उप निदेशक पशुपालन डाॅ. विशाल भी उपस्थित थे


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