शिमला, 27.11.20-:हिमाचल प्रदेश विधान सभा के माननीय अध्यक्ष श्री विपिन सिंह परमार आजकल गुजरात राज्य के केवड़िया में आयोजित 80वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए गुजरात राज्य के प्रवास पर हैं। उनके साथ इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए विधान सभा उपाध्यक्ष श्री हंस राज भी मौजूद हैं।

गौरतलब है कि गुजरात राज्य के केवड़िया में यह सम्मेलन 25 व 26 नवंबर को आयोजित किया गया जबकि 27 नवंबर, 2020 को सम्मेलन उपरान्त भ्रमण के लिए निर्धारित किया गया है। इस सम्मेलन में भारत के माननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद, माननीय उपराष्ट्रपति एवं सभापति राज्यसभा, माननीय अध्यक्ष लोक सभा, माननीय मुख्यमंत्री गुजरात तथा माननीय राज्यपाल गुजरात तथा कई राज्यों की विधान सभाओं अध्यक्ष शामिल थे। सम्मेलन के समापन पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी अपना वर्चुअल संबोधन दिया।

श्री परमार ने "विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के मध्य सामंजस्यपूर्ण समन्वय- जीवंत लोकतंत्र का आधार" विषय पर सम्मेलन को संबोधित किया। श्री परमार ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के तीन विशिष्ट अंग हैं। प्रत्येक सम्बन्धित क्षेत्र में अपने-अपने कार्य हैं और प्रत्येक अंग को संविधान में शक्तियां प्राप्त हैं। संविधान प्रत्येक की भूमिका, कार्यों और सीमाओं को प्रभावित करता है। किसी विशेष अंग में शक्ति केंन्द्रित न हो इस उद्देश्य से प्रत्येक अंग के अन्त: संबंध, नियंत्रण एवं संतुलन हेतु संविधान द्वारा निर्धारित किए गए हैं।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए श्री परमार ने धर्मशाला स्थित तपोवन विधान सभा भवन में राष्ट्रीय ई-विधान अकादमी खोलने पर बल दिया तथा कहा कि इससे भवन का सदुपयोग होगा तथा माननीय सांसदों, अधिकारियों तथा राज्य विधान सभाओं के सदस्यों को ई-विधान बारे प्रशिक्षित किया जा सकेगा।

इस दौरान श्री परमार ने कहा कि पीठासीन अधिकारियों का अगला सम्मेलन हिमाचल प्रदेश में आयोजित किया जाए जिसके लिए हमारे पास धर्मशाला तथा शिमला में विधान सभा के दो भवन है और हम दोनों में से किसी भी जगह इसे आयोजित करने में सक्षम है।

सम्मेलन के दौरान श्री विपिन सिंह परमार तथा श्री हंस राज अन्य राज्यों के विधान सभा अध्यक्षों तथा अन्य प्रतिभागियों के साथ भ्रमण करने हेतु सरदार पटेल प्रतिमा स्थल तथा अन्य महत्वपूर्ण एवं रमणीय स्थलों पर गये। श्री विपिन सिं परमार, विधान सभा उपाध्यक्ष श्री हंस राज व अन्य के साथ कल हिमाचल प्रदेश राज्य की वापसी करेंगे।