चंडीगढ़/गुरुग्राम, 24 अक्टूबर। गुरुग्राम शहर से लगते करीबन तीन दर्जन गांव नगर निगम का हिस्सा नहीं बनना चाहते। इन गांवों के लोग पंचायती राज से जुड़े रहना चाहते हैं। इस मांग को लेकर गुरुग्राम सरपंच एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से मुलाकात की। दुष्यंत चौटाला ने इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों को अपने कार्यालय में तलब किया और मामले का हल निकालने के आदेश दिए।

गुरुग्राम से आए सरपंचों व पंचों ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि हाल ही में नगर निगम का दायरा बढ़ाने को लेकर एक अधिसूचना जारी की गई है। इस अधिसूचना के तहत गुरुग्राम के आसपास से लगते लगभग 38 गांव निगम से जोड़ने के लिए प्रस्तावित है। इनमें 34 गांवों के लोग गुरुग्राम नगर निगम से नहीं जुड़ना चाहते हैं। सरपंच एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इन गांवों के लोगों की मांग है कि उन्हें पंचायती राज व्यवस्था से जोड़ा रखा जाए ताकि पंचायतें अपनी इच्छा के अनुसार गांव में विकास कार्यों को करवा सकें। इनमें से 28 गांवों की पंचायतों ने गुरुग्राम नगर निगम से न जोड़ने को लेकर प्रस्ताव पास भी कर दिए हैं। इस संबंध में आज एसोसिएशन ने एक ज्ञापन भी डिप्टी सीएम को सौंपा। इस मौके पर जेजेपी जिलाध्यक्ष ऋषि राज राणा, गुरुग्राम सरपंच एसोसिएशन के प्रधान श्याम सुंदर, सतपाल ढांगू, कनैहा दोलताबाद, सरपंच वीर सिंह बजहेड़ा, रामबीर राणा, रामनिवास राणा, लीला सरपंच आदि शामिल रहे।

दुष्यंत चौटाला ने अपने कार्यालय में अधिकारियों को तलब किया और गांव वासियों की मांग से अवगत करवाया। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव वासियों की इच्छा के विरूद्ध किसी भी गांव को गुरुग्राम नगर निगम से न जोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि इस मामले का सकारात्मक ढंग से हल निकालें ताकि गांव वासियों की इच्छा के अनुसार ही निगम से संबद्ध करने संबंधी निर्णय हो।

इन 28 पंचायातों ने पास किया प्रस्ताव

गुरुग्राम सरपंच एसोसिएशन के प्रधान श्याम सुंदर ने बताया कि गुरुग्राम नगर निगम में शामिल न होने को लेकर 28 ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव पास किया है। जिनमें गांव बजछेडा, बाबूपुर, धर्मपुर,दोलताबाद, खेड़की माजरा, धनकोट, गढ़ी, हयातपुर, मोहम्मदहेड़ा काकरोला, सिकंदरपुर बड़ा, नवादा, नाहरपुर,नखडोला, रामपुरा, शिकोहपुर, नोरंगपुर, खो, मानेसर, कासन, पलड़ा, भांगरोला, बास हाटियां,बास कुसला, ढाणा, भोंडसी, उल्लावास और नया गांव शामिल है।