CHANDIGARH,23.10.20-प्राचीन कला केन्द्र सामाजिक दूरी के नियमों के चलते संगीत के विभिन्न कार्यक्रम सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहा है । केन्द्र के अधिकृत यूट्यूब चैनल तथा फेसबुक एवं ट्विटर पेज पर सांगीतिक कार्यक्रमों के तहत इस बार 20 कड़ी में इंदौर की श्वेता जोशी ने अपने समधुर गायन से दर्शकों का मनोरंजन किया ।
श्वेता एक बहुमुखी प्रतिभाशाली कलाकार हैं । 12 वर्ष की आयु से संगीत की शिक्षा इन्होंने पंडित ललिता शंकर पंडित जी से प्राप्त की । श्वेता शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ सुगम एवं भजन गायन में भी दक्ष हैं । वर्तमान में आपने पंडित लक्ष्मीकांत जोशी से मार्गदर्शन प्राप्त किया है । आप आकाशवाणी दूरदर्शन की स्वीकृत कलाकार हैं ।आपने देश के विभिन्न शहरों में अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं के दिल में जगह बनाई है ।

इन्होंने कार्यक्रम की शुरूआत राग श्याम कल्याण से की । आलाप के बाद बड़ा ख्याल विलम्बित एक ताल की रचना जियो मेरो लाल पेश की । उपरांत छोटा ख्याल तीन ताल मध्य लय की रचना जिसके बोल थे बनवारी वारी जाउं में पेश की । इसके पश्चात द्रुत एक ताल की रचना सुघर चतुर बनरा मोरा पेश की । कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए श्वेता ने राग मधुकौंस से सजी रचना जो कि झपताल में निबद्ध थी पेश की रचना के बोल थे अरज करूं श्याम । उपरांत छोटे ख्याल में निबद्ध तीन ताल से सुसज्जित बंदिश मोरि बैयां कुंवर कन्हैया प्रस्तुत की । कार्यक्रम के अंत में श्वेता ने एक सुंदर भजन जिसके बोल थे कुटंुब ताजी शरण राम तेरी आयो पेश किया ।

इनके साथ तबले पर श्री मुकेश सोलंकी तथा हारमोनियम पर दीपक खलातकार ने बखूबी संगत की ।