चंडीगढ़, 26 जून:नगर निगम चंडीगढ़ ने कूड़ा फेंकने और सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी सम्बन्धी नागरिकों को जागरूक करने के लिए ‘हर गाड़ी बिन, हर गाड़ी बैग’ योजना शुरू की है।

इस नई पहल को साझा करते हुए कमिश्नर, नगर निगम चंडीगढ़ श्रीमती अनिन्दिता मित्रा, आई.ए.एस ने कहा कि यदि हर नागरिक अपनी कार में एक शॉपिंग बैग रखे तो प्लास्टिक के थैलों को बाज़ारों में से पूरी तरह ख़त्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि हरेक कार में कूड़ादान हो और नागरिक अपना कूड़ा उसी में ही डाल दें तो कूड़ा-कर्कट को काफ़ी हद तक घटाया जा सकता है।

कमिश्नर ने कहा कि एमसीसी और आरएलए ने सभी कार डीलरों के साथ समझौता किया है कि नई कार की बिक्री और सर्विसिंग के समय कार डीलर ग्राहक को एक डस्टबिन और एक शॉपिंग बैग प्रदान करेगा जिससे नागरिकों को इसकी आदत डाली जा सके। उन्होंने आगे कहा कि आर.एल.ए. द्वारा अपनी रजिस्ट्रेशन रीन्यू करवाने आने वाले नागरिकों के लिए वाहनों में डस्टबिन लगाने और कपड़े/जूट के शॉपिंग बैग रखने अनिवार्य किए जाएंगे। यह एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि चंडीगढ़ में देश के किसी भी हिस्से के अपेक्षा वाहनों की संख्या सबसे अधिक है, जहाँ प्रति 1000 व्यक्तियों के पीछे 878 रजिस्टर्ड वाहन हैं।

उन्होंने आगे कहा कि एम.सी.सी. ने सैल्फी विद शॉपिंग बैग/सैल्फी विद बॉटल ( पानी की प्लास्टिक डिस्पोजेबल बोतलों के प्रयोग को घटाने के लिए) की भी शुरुआत की है, जिसमें नागरिकों को एम.सी.सी. सोशल मीडिया हैंडल्ज़ को टैग करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि एमसीसी प्लास्टिक की समस्या को रोकने के लिए पड़ाववार कदम उठा रही है।

कमिश्नर ने बताया कि हाल ही में एम.डब्ल्यू.एज के साथ पड़ाववार समारोह करवाए गए, जिसमें पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनने वाली पहली एम.डब्ल्यू.ए. के लिए 1 लाख के नकद इनाम का ऐलान किया गया है। उन्होंने कहा कि सैक्टर 46 जैसे प्रगतिशील एम.डब्ल्यू.एज ने अपने ख़ुद के शॉपिंग बैग के साथ आने वाले नागरिकों को छूट देनी शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा कि एम.सी.सी. ने कपड़े/जूट के थैलों के प्रयोग को प्रोत्साहित करने और सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए सैक्टर 26 की सब्ज़ी मंडी में एक स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित एक क्लॉथ बैग आऊटलैट की स्थापना भी की है।

उन्होंने कहा कि एमसीसी और सीपीसीसी की समर्पित साझी टास्क फोर्स उन सभी स्थानों की जांच करेगी जहाँ प्लास्टिक की जमाखोरी हो रही है। पिछले 6 महीनों में कूड़ा फेंकने के 935 चालान और पाबन्दीशुदा प्लास्टिक का प्रयोग के 721 चालान किए गए हैं।

उन सभी नागरिकों से अपील की कि वह सिंगल यूज़ प्लास्टिक के प्रयोग से परहेज़ करें और टिकाऊ अभ्यासों जैसे कि अपनी ख़ुद की पानी की बोतलों का प्रयोग करें और अपने ख़ुद के शॉपिंग बैग बाज़ार में लेकर जाएँ, को अपनाएं।
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